इससे पहले 10 दिसंबर को हुई सुनवाई के दौरान भी अदालत ने मिशेल की सीबीआई रिमांड को 15 दिसंबर तक बढ़ाया था। इस दौरान सीबीआई ने मेशिल से पूछताछ के लिए रिमांड बढ़ाने की मांग की थी। सीबीआई ने आरोप लगाया कि इस डील के दौरान लगभग 2, 666 करोड़ के घोटाले को अंजाम दिया गया। उल्लेखनीय है कि इटली की कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी चॉपर डील मामले में क्रिश्चियन मिशेल की भूमिका बिचौलिये की थी। ईडी के मुताबिक मिशेल को 12 हेलिकॉप्टर के समझौते को अपने पक्ष में कराने के लिए 225 करोड़ दिये गए।
आरोप है कि यूपीए सरकार के दौरान 2010 में हुई इस डील का करार पाने के लिए एंग्लो-इटैलियन कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड ने भारतीय राजनेताओं, रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों, नौकरशाहों समेत वायुसेना के दूसरे अधिकारियों को रिश्वत देने के लिए मिशेल को करीब 350 करोड़ रुपए दिए। इस सौदे में 2013 में घूसखोरी की बात सामने आने पर तत्कालीन रक्षा मंत्री ए के एंटोनी द्वारा न केवल सौदा रद्द किया गया बल्कि मामले की सीबीआई जांच के आदेश भी दिए गए थे। यूएई की सुरक्षा एजेंसियों ने फरवरी 2017 में मिशेल को गिरफ्तार किया था और इसके बाद से ही उसके प्रत्यर्पण की कोशिशें चल रही थीं। गत 4 दिसंबर को क्रिश्चियन मिशेल को भारत लाया गया था।