सीबीआई और महाराष्ट्र सीआईडी ने शुक्रवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में कहा कि अंधविश्वास उन्मूलन के खिलाफ काम कर रहे नरेंद्र दाभोलकर और सामाजिक कार्यकर्ता गोविंद पानसरे की हत्याओं में कुछ समानता जरूर है। दोनों हत्याओं में इस्तेमाल हथियार अब तक बरामद नहीं हुए हैं।
दोनों के परिजनों की ओर से दायर याचिका में अपील की गई है कि कोर्ट की निगरानी में इन हत्याओं की जांच हो। सीबीआई दाभोलकर और सीआईडी पानसरे की हत्या की जांच कर रही है। दाभोलकर की हत्या 20 अगस्त, 2013 को पुणे में गोली मारकर की गई थी, जबकि पानसरे को कोल्हापुर में घर के नजदीक 16 फरवरी, 2015 को गोली मारी गई थी।
बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस एससी धर्माधिकारी और जस्टिस गौतम पटेल की पीठ को बताया गया कि दाभोलकर की हत्या में शामिल सभी आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, लेकिन हत्या में इस्तेमाल हथियार नहीं मिले। सीबीआई के वकील अनिल सिंह ने कहा कि एजेंसी एक महीने के भीतर विशेष अभियान चलाएगी और वे चारों देसी पिस्तौल बरामद कर लेगी, जो कथित तौर पर ठाणे के पास खाड़ी में फेंकी गई।