अधिकारियों के अनुसार मुंबई धमाकों की जांच अपने हाथ में लेने के बाद सीबीआई ने 1995 में टकला के खिलाफ रेडकार्नर नोटिस जारी करवाया। जब उसे पता चला कि टकला मुश्ताक मोहम्मद मियां की फर्जी पहचान से दुबई में रह रहा है तो उसने पिछले ही साल अगस्त में उसके विरुद्ध नया गैर जमानती वारंट जारी करवाया। आरोप है कि टकला दाऊद इब्राहिम और अनीस इब्राहिम का करीबी है तथा 1993 के मुम्बई धमाकों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक था।
सीबीआई ने अपने आरोपपत्र में आरोप लगाया है कि तब शेख बुरहान कमरुद्दीन मार्ग के निवासी टकला ने उन पांच आरोपियों के लिए विमान टिकट, रहने आदि की व्यवस्था करवायी जो हथियारों एवं विस्फोटकों का प्रशिक्षण लेने दुबई के रास्ते पाकिस्तान गये थे। इन्हीं विस्फोटकों का मुम्बई धमाकों में इस्तेमाल किया गया।
सीबीआई ने टकला पर आतंकवादी एवं विध्वंसकारी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम और भादसं की संबंधित धाराएं लगायी हैं। आतंकवादी एवं विध्वंसकारी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत उसे अधिकतम उम्रकैद हो सकती है। भादसं की संबंधित धारा के तहत अधिकतम मृत्युदंड का प्रावधान है।