केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को विशेष अदालत को बताया कि शीना बोरा हत्याकांड की मुख्य आरोपी इंद्राणी मुखर्जी अपनी याचिका से मुकदमे को लंबा खींचने का प्रयास कर रही हैं। दरअसल, इंद्राणी ने गवाह राहुल मुखर्जी को अगली किसी तारीख को पेश होने की याचिका दायर की है। हालांकि वह पहले ही अदालत में गवाही दे चुके हैं। जांच एजेंसी ने इंद्राणी की याचिका पर अपने लिखित जवाब में कहा कि उनका आवेदन सही नहीं है। वहीं इंद्राणी ने अदालत में गवाह राहुल मुखर्जी से जुड़े पूरे दस्तावेज न होने का कारण दिया।
इंद्राणी मुखर्जी हत्या के मामले में मुख्य आरोपी हैं और वर्तमान में जमानत पर बाहर हैं और राहुल मुखर्जी शीना बोरा हत्या मामले में गवाह के रूप में गवाही दे रहे हैं। हालांकि राहुल मुखर्जी पहले ही शीना के हत्या के मामले में गवाह के रूप में अदालत में पेश हो चुके हैं और इंद्राणी के वकील रंजीत सांगले द्वारा उनकी लंबी जिरह हुई थी।
इंद्राणी ने राहुल मुखर्जी पर बेईमानी और अपराध में शामिल होने का भी आरोप लगाया था। हालांकि, सीबीआई ने अपने जवाब में गवाह के टालने वाली याचिका वाली बात कर विचार करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष के गवाह (राहुल मुखर्जी) से पहले ही जिरह की जा चुकी है और उन्हें आरोप मुक्त कर दिया गया है।
सीबीआई ने कहा, याचिका दायर करना और कुछ नहीं बल्कि आवेदक इंद्राणी द्वारा मुकदमे को लंबा करने का प्रयास है। क्योंकि आरोपी व्यक्ति जमानत पर बाहर है। सीबीआई ने दावा किया कि इंद्राणी के वकील ने पहले ही काफी समय तक जिरह की थी, जोकि रिकॉर्ड में है। चूंकि अपराध को 10 साल बीत चुके हैं, किसी भी गवाह के लिए यह संभव नहीं है कि वह छोटी से छोटी बात को याद कर सके। वैसे भी, गवाह को वापस बुलाने का कोई आधार नहीं है, सीबीआई ने कहा, आवेदक ने गवाह से अप्रासंगिक प्रश्न पूछकर जिरह को लंबा कर दिया था।