कर्नाटक स्थित ‘आई-मॉनेटरी एडवाइजरी’ (आईएमए) और इस समूह की कंपनियों द्वारा चलाई जाने वाली करोड़ों रुपये की पोंजी योजना से संबंधित मामले की जांच सीबीआई ने अपने हाथों में ले ली है। इस कंपनी ने निवेश के इस्लामिक तरीकों का इस्तेमाल करके उच्च रिटर्न का वादा कर कथित तौर पर लाखों लोगों को चूना लगाया।
सीबीआई के अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने कंपनी और उसके कथित मुख्य षड्यंत्रकारी और प्रबंध निदेशक मंसूर खान के अलावा 24 अन्य और आईएमए की चार सहयोगी कंपनियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।अधिकारियों ने बताया कि कर्नाटक सरकार के अनुरोध पर सीबीआई ने जांच अपने हाथों में ली है।
बता दें कि इस घोटाले में कई दलाल ओर कुछ धार्मिक उपदेशकों समेत अन्य ने लोगों को आईएमए में निवेश के लिये लुभाया। मामला तब प्रकाश में आया जब खान एक वीडियो संदेश जारी करके दुबई भाग गया। उसने कहा कि वह राज्य और केंद्र सरकार में भ्रष्टाचार की वजह से आत्महत्या कर रहा है।