केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने भगोड़े कारोबारी मेहुल चोकसी के खिलाफ अपना शिकंजा और कस दिया है। एजेंसी ने धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात के लिए तीन और एफआईआर दर्ज की हैं। ये मामले पंजाब नेशनल बैंक के उप महाप्रबंधक की शिकायत पर दर्ज किए गए हैं। चोकसी और अन्य आरोपियों पर विभिन्न बैंक संघों से 6747.97 करोड़ रुपये का घपला करने का आरोप है।
पहली एफआईआर में मैसर्स गीतांजलि जेम्स लिमिटेड की होल्डिंग कंपनी के निदेशक/प्रवर्तक मेहुल चीनूभाई चोकसी के खिलाफ शिकायत की गई है। इसके अलावा मैसर्स नक्षत्र ब्रांड्स लिमिटेड को क्रेडिट लिमिट को मंजूरी देने के लिए एक गारंटर, मैसर्स नक्षत्र ब्रांड्स लिमिटेड के निदेशक धनेश ब्रजलाल सेठ, अज्ञात सरकारी अधिकारियों को भी नामजद किया गया है। यह एफआईआर पंजाब नेशनल बैंक के नेतृत्व वाले बैंक संघ से 807.72 करोड़ की धोखाधड़ी का है।
दूसरी एफआईआर में गीतांजलि जेम्स लिमिटेड, इसके निदेशक मेहुल चीनूभाई चोकसी और धनेश, व्रजलाल सेठ, कपिल माली राम खंडेलवाल, चंद्रकांत कानू करकरे, अज्ञात सरकारी अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई। यह शिकायत आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड के नेतृत्व वाले बैंक संघ से 5564.54 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात की है। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी खातों में हेराफेरी करने, फंड को बेईमानी से निकालने और वास्तविक व्यापार लेनदेन के लिए स्वीकृत क्रेडिट सीमा का दुरुपयोग करने में शामिल रहे हैं।
तीसरा मामला जीएल इंडिया लिमिटेड मुंबई, मेहुल चीनूभाई चोकसी, एक गारंटर, अनियाथ शिवरामन नायर, व्रजलाल सेठ, अज्ञात सरकारी अधिकारियों और अन्य के खिलाफ दर्ज हुआ है। इन सभी पर पंजाब नेशनल बैंक के नेतृत्व वाले तीन बैंकों के संघ को 375.71 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का है।