एफआईआर में एनबीईएमएस के पूर्व अतिरिक्त निदेशक डॉ. बिपिन बत्रा, चयन समिति के अज्ञात सदस्य, एनबीईएमएस, प्रोमेट्रिक टेस्टिंग प्राइवेट लिमिटेड एवं अन्य अज्ञात व्यक्तियों को नामजद किया गया है।
धन के दुरुपयोग और गलत नियुक्ति के आरोपों पर नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंस (एनबीईएमएस) के पूर्व प्रमुख डॉ बिपिन बत्रा और अन्य अधिकारियों के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मामला दर्ज किया।
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शिकायत में एनबीईएमएस में सहायक परीक्षा नियंत्रक (एसीई) के पद पर डॉ. बिपिन बत्रा की अवैध नियुक्ति किए जाने का आरोप लगाया गया है। इसमें डॉ. बत्रा और एनबीईएमएस में कई लोगों की मिलीभगत थी।
एफआईआर में एनबीईएमएस के पूर्व अतिरिक्त निदेशक डॉ. बिपिन बत्रा, चयन समिति के अज्ञात सदस्य, एनबीईएमएस, प्रोमेट्रिक टेस्टिंग प्राइवेट लिमिटेड एवं अन्य अज्ञात व्यक्तियों को नामजद किया गया है। एफआईआर में डॉ. बिपिन बत्रा पर सात साल की छोटी सी अवधि में अवैध रूप से एनबीईएमएस के शीर्ष पद पर पहुंचने और कब्जा करने के आरोप लगाए गए हैं।
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अयोग्य होने के बावजूद कामकाज करते रहे नियंत्रित
इसमें कहा गया है कि पदों के लिए अयोग्य होने के बावजूद वे संगठन के कामकाज को नियंत्रित करते रहे। एनबीईएमएस के भीतर कई व्यक्तियों ने शक्तियों के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया है। इससे संगठन और इसकी विश्वसनीयता को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
इस संबंध में हुई जांच में यह पाया गया है कि डॉ बिपिन बत्रा एनबीईएमएस से आधिकारिक रिकॉर्ड को सामूहिक रूप से हटाने के दोषी हैं। उपरोक्त के अलावा, डॉ बिपिन बत्रा को उक्त मामले में विभिन्न आरोपों का भी दोषी पाया गया है।
सेवाएं की गई समाप्त
जांच के अनुसार 23 अगस्त, 2019 के आदेश के तहत उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं। जांच में, 2005 में एनबीईएमएस में शामिल हुए बत्रा के खिलाफ 15 आरोपों में से 10 साबित हुए हैं और अन्य में अभी जांच चल रही है।