सीबीआई ने वित्तीय अनियमितता के दो अलग-अलग मामलों में चल रही जांच के सिलसिले में शिलॉन्ग और दिल्ली में सात जगहों पर छापे मारे। इस कार्रवाई में संपत्ति, बैंक खातों से जुड़े अहम दस्तावेज मिले हैं।
सीबीआई ने शिलॉन्ग स्थित नार्थ-ईस्टर्न हिल यूनिवर्सिटी (एनईएचयू) में तत्कालीन एसोसिएट प्रोफेसर और वित्त अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। उन पर कूड़ा प्रबंधन प्रोजेक्ट के तहत 11,60,066 रुपये का फर्जी बिल जमा कर पैसा लेने का आरोप है।
इस प्रोजेक्ट के लिए पैसा केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा दिया जा रहा था। एजेंसी ने आरोप लगाया कि अगस्त 2018 से अक्तूबर 2018 की अवधि के बीच में आरोपी ने दो प्रोजेक्टों में सरकारी पैसा का दुरुपयोग किया।
जांच एजेंसी ने एनवायरमेंटल इंफारमेशन सिस्टम रिसोर्स (ईएनवीआईएस) पार्टनर सेंटर, एनईएचयू शिलॉन्ग के परिसरों पर छापा मारा। इस दौरान एजेंसी ने अहम दस्तावेज बरामद किए। इनमें कूड़ा प्रबंधन और पर्यावरणीय कानून के तहत छात्रों की सूची, ईएनवीआईएस आरपी सेंटर, एनईएचयू शिलॉन्ग के नाम पर खोले गए बैंक खातों के दस्तावेज शामिल हैं।
एक दूसरे मामले में एजेंसी ने नई दिल्ली स्थित नार्दर्न रेलवे के डिप्टी सीवीओ (ट्रैफिक) की शिकायत पर चार अधिकारियों, एक निजी कंपनी और अज्ञात सरकारी सेवकों व व्यक्तिगत लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि निजी कंपनी ने सरकारी अधिकारियों और अन्य लोगों के साथ मिलकर 2012 और 2013 में साजिश रचकर 2.24 करोड़ रुपये का कबाड़ उठाया। यह रकम रेलवे के खाते में डालने के बजाय आरोपियों ने अपने नाम पर कर ली। दिल्ली में सात जगहों में की गई कार्रवाई में संपत्ति और बैंक खातों से जुड़े अहम दस्तावेज मिले हैं। इन दोनों ही मामलों की अभी जांच चल रही है।