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पी. चिदंबरम के ठिकानों पर CBI के छापे, इंद्राणी-पीटर मुखर्जी से जुड़े तार

Tue, 16 May 2017 05:23 PM IST
amarujala.com- Presented by: पवन नाहर
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इंद्राणी और पीटर मुखर्जी - फोटो : ScoopWhoop
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पूर्व वित्त मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम के बेटे के ठिकानों पर सीबीआई ने छापेमारी की। इस मामले में सीबीआई ने कार्ति चिदंबरम पीटर मुखर्जी और इंद्राणी मुखर्जी के अलावा दो प्राइवेट कंपनियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। इसके अलावा वित्त मंत्रालय के कुछ अज्ञात कर्मचारियों पर भी केस दर्ज किया गया है। इन सब के खिलाफ आईएनएक्स मीडिया प्राइवेट लिमिटेड में एफडीआई के लिए भ्रष्टाचार और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज हुआ है।
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केंद्रीय एजेंसी ने पी. चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति के ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें उनके दिल्ली, मुंबई और चेन्नई के घर और दफ्तर शामिल हैं। साथ ही पीटर मुखर्जी के मुंबई वाले पर भी छापा मारा गया। गौरतलब है कि कि शीना बोरा मर्डर केस के मुख्य आरोपी इंद्राणी और पीटर मुखर्जी आईएनएक्स मीडिया के निदेशक रह चुके हैं। इसके अलावा कार्ति चिदंबरम की एक और कंपनी चैस मैनेजमेंट सर्विसेज पर भी सीबीआई ने केस दर्ज किया है। आरोप है कि चिदंबरम के वित्तमंत्री रहते हुए ही आईएनएक्स मीडिया को स्वीकृति दी गई थी।

अपने और अपने खिलाफ हो रही कार्रवाई पर चिदंबरम ने कहा, "सरकार मेरी आवाज दबाने के लिए मुझे निशाना बना रही है। मेरे बेटे और परिजनों के खिलाफ सीबीआई और अन्य एजेसियों का इस्तेमाल हो रहा है।" चिदंबरम ने कहा कि सरकार उन्हें लिखने से रोकना चाहती है। सरकार ने ऐसा ही विपक्ष के कई नेताओं, पत्रकारों, लेखकों और एनजीओ के साथ किया है।
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अमित शाह ने दिए थे कार्रवाई के संकेत

पी चिदंबरम - फोटो : gettty
हाल ही में एक निजी चैनल के कार्यक्रम में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा था कि वो यूपीए सरकार में हुए भ्रष्टाचार में जल्द से जल्द कार्रवाई करेंगे। चिदंबरम महाराष्ट्र से राज्यसभा के सांसद हैं।

बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने पी. चिदंबरम पर आरोप लगाया था कि एयरसेल मैक्सिस डील में तत्कालीन वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने 3,500 करोड़ रुपये की इस डील कैबिनेट कमेटी की अनुमति के बिना ही मंजूरी दी। नियमों के मुताबिक वित्तमंत्री 600 करोड़ रुपये तक की डील को ही मंजूरी दे सकते थे। एफआईपीबी ने फाइल को वित्तमंत्री के पास भेजा और उन्होंने इसे मंजूर कर दिया।
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