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CBI Raid: सीआरपीएफ की 93वीं बटालियन पर सीबीआई का छापा, अनिमियतताओं की छानबीन के लिए पहुंची जांच एजेंसी

Sat, 18 Mar 2023 06:47 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

CBI Raid: सूत्रों के मुताबिक, लखनऊ स्थित सीआरपीएफ की इस बटालियन के शीर्ष अधिकारी को लेकर कई तरह की शिकायतें मिल रही थीं। उक्त अधिकारी के व्यवहार को लेकर कुछ जवान एवं अफसर खुश नहीं थे। उनका आरोप था कि शीर्ष अधिकारी अपने जूनियरों को परेशान कर रहे हैं। एक सहायक कमांडेंट ने भी उनके खिलाफ शिकायत दी है...
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CBI Raid - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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सीबीआई की टीम ने शनिवार सुबह लखनऊ स्थित 93वीं बटालियन पर छापेमारी की। सीआरपीएफ सूत्रों का कहना है कि इस बटालियन के शीर्ष अफसर कमांडिंग अफसर नीरज पांडे के व्यवहार और अनिमियतताओं को लेकर बल मुख्यालय को कई शिकायतें मिलती रही थीं। जिसके बाद शनिवार सुबह सीबीआई की 13 लोगों की टीम ने 93वीं बटालियन पर छापेमारी की।    

सूत्रों के मुताबिक, लखनऊ स्थित सीआरपीएफ की इस बटालियन के शीर्ष अधिकारी को लेकर कई तरह की शिकायतें मिल रही थीं। उक्त अधिकारी के व्यवहार को लेकर कुछ जवान एवं अफसर खुश नहीं थे। उनका आरोप था कि शीर्ष अधिकारी अपने जूनियरों को परेशान कर रहे हैं। एक सहायक कमांडेंट ने भी उनके खिलाफ शिकायत दी है। उसमें गंभीर आरोप लगाए गए हैं। सूत्रों ने बताया कि यह मामला एकाएक सामने नहीं आया है। बटालियन में लंबे समय से सब कुछ ठीक नहीं चल रहा था। हालांकि यह जानकारी बल मुख्यालय के अफसरों को भी रही है, लेकिन उक्त अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। उनके खिलाफ कई तरह की अनियमित्तताएं होने के अलावा कथित आय से अधिक संपत्ति का मामला भी बताया जा रहा है।

सीबीआई की टीम कई घंटे तक कमांडेंट दफ्तर में मौजूद रही। टेंडर सहित कई दस्तावेजों को खंगाला गया है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय जांच एजेंसी, देर सवेर केस दर्ज कर सकती है। हालांकि आय से अधिक संपत्ति होने के मामले में कमांडेंट ने अपने परिवार की आय का हवाला दिया है। इस बाबत जब सेंट्रल सेक्टर के डीआईजी सुनील कुमार से पूछने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने किसी तरह की रेड की जानकारी होने से मना कर दिया। दूसरी ओर, एक अन्य अधिकारी ने रेड की पुष्टि की है। यह भी कहा जा रहा है कि उक्त रेड सहायक कमांडेंट की शिकायत पर हुई है। इससे पहले जब कभी उस अधिकारी के खिलाफ शिकायतें आईं, तो उनकी जांच अंजाम तक नहीं पहुंच सकी। कमांडेंट को जानने वाले कई अधिकारी बताते हैं कि उनकी बड़ी पहुंच के चलते कार्रवाई नहीं हो पा रही थी।

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