दिल्ली के शराब घोटाले को लेकर सीबीआई ने आज स्थानीय अदालत में एक अर्जी दायर कर उद्योगपति दिनेश अरोरा को सरकारी गवाह बनाने का आग्रह किया है। अरोरा इस घोटाले में आरोपी हैं और उन्हें हाल ही में अग्रिम जमानत मिली है। सीबीआई ने उनकी जमानत का कोई विरोध नहीं किया था।
अरोरा को गवाह बनाने के लिए सीबीआई ने सीआरपीसी की धारा 306 के तहत अर्जी दायर की है। विशेष जज एमके नागपाल इस अर्जी पर आज सुनवाई कर सकते हैं। कुछ दिनों पूर्व इसी कोर्ट ने अरोरा का अंतरिम जमानत दी थी। जमानत अर्जी के जवाब में सीबीआई ने कहा था कि अरोरा जांच में सहयोग कर रहे हैं और उन्होंने कुछ अहम जानकारियां दी हैं, जो जांच में महत्वपूर्ण हैं। इसलिए, यदि कोर्ट उन्हें जमानत दे देती है तो उसे कोई आपत्ति नहीं है।
सीबीआई के इस जवाब के बाद कोर्ट ने अरोरा का जमानत दी थी। कोर्ट ने यह भी कहा था कि सीबीआई के जवाब से अरोरा की तत्काल गिरफ्तारी की आशंका नहीं है, लेकिन भविष्य में उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है, क्योंकि एक केस में आवेदक को आरोपी बनाया गया है।
जांच में सहयोग की शर्त पर दी अग्रिम जमानत
कोर्ट ने अरोरा को जांच में सहयोग करने की शर्त पर अग्रिम जमानत दी थी। अरोरा ने अग्रिम जमानत अर्जी तब दायर की थी जब सीबीआई ने विजय नायर को गिरफ्तार किया था और समीर महेंद्रू को ईडी ने गिरफ्तार किया था। बाद में सीबीआई ने हैदराबाद के व्यवसायी अभिषेक बोइनपल्ली को दिल्ली की नई आबकारी नीति बनाने और उसे लागू करने में कथित अनियमितताओं से संबंधित एक मामले की चल रही जांच में गिरफ्तार किया था।
बता दें, सीबीआई ने 27 सितंबर को दिल्ली के शराब घोटाले या आबकारी नीति घोटाले से संबंधित एक जांच के दौरान इवेंट मैनेजमेंट कंपनी ओनली मच लाउडर के पूर्व सीईओ, व्यवसायी विजय नायर को गिरफ्तार किया था। इससे पहले अगस्त में सीबीआई ने दिल्ली के शराब घोटाले में एक मामला दर्ज किया था और आठ लोगों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया था। आरोपियों में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, तत्कालीन आबकारी आयुक्त अरवा गोपी कृष्णा, उपायुक्त आनंद तिवारी और सहायक आयुक्त पंकज भटनागर शामिल हैं। इनके अलावा मनोज राय, अमनदीप ढल, इंडोस्पिरिट ग्रुप के प्रबंध निदेशक समीर महेंद्रू, महादेव लिकर्स के अमित अरोरा व दिनेश अरोरा अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता सनी मारवाह और अर्जुन पांडे भी आरोपी हैं।