केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) एक महीने में भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर सकती है। इसमें कई बैंक अधिकारियों के नाम भी शामिल हो सकते हैं, जिन्होंने माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस को दिए गए के मामले को देखा था।
अधिकारियों का नाम दिए बिना सूत्रों ने कहा कि बैंकों के समूह द्वारा दिए गए कर्ज के मामले में जांच का पहला चरण पूरा हो गया है। जांच को जारी रखते हुए एक महीने में आरोपपत्र दाखिल कर दिया जाएगा। इसमें किंगफिशर को कर्ज देने वाले मामले को संभालने वाले एसबीआई सहित विभिन्न बैंकों के सेवारत और सेवानिवृत्त अधिकारियों का नाम शामिल होंगे। वहीं माल्या सहित किंगफिशर के अन्य अधिकारियों के भी नाम शामिल किए जाएंगे। सूत्रों ने कहा कि एजेंसी वित्त मंत्रालय के उन अधिकारियों की भूमिका को भी देख रही है जो बैंककर्मियों के निर्णय को प्रभावित कर सकते थे। हालांकि उनकी भूमिका की फिलहाल जांच करना बाकी है।
किंगफिशर एयरलाइन को छह हजार करोड़ रुपये का कर्ज देने के मामले में यह पहला आरोपपत्र होगा। यह कर्ज स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व में 17 बैंकों के एक समूह ने दिया था, जिसमें एसबीआई ने अकेले 1600 करोड़ रुपये दिए थे। आईडीबीआई बैंक द्वारा दिए गए 900 करोड़ के लंबित कर्ज के मामले में एजेंसी पिछले साल माल्या के खिलाफ पहले ही एक आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। इस मामले में बैंक के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं।