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Telangana: कालेश्वरम प्रोजेक्ट की होगी सीबीआई जांच, न्यायिक आयोग की रिपोर्ट पर चर्चा के बाद CM रेड्डी का एलान

Mon, 01 Sep 2025 06:53 AM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद

सार

कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना पर न्यायमूर्ति पिनाकी घोष आयोग की रिपोर्ट को लेकर तेलंगाना विधानसभा में रविवार को गरमा-गरम बहस हुई। विधानसभा में चर्चा के बाद तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने कहा कि अध्यक्ष की अनुमति से सदन कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना में हुई अनियमितताओं की जांच सीबीआई को सौंपने का निर्णय ले रहा है।
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सीएम रेवंत रेड्डी। - फोटो : PTI
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विस्तार
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कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना में हुई अनियमितताओं की सीबीआई जांच होगी। तेलंगाना विधानसभा में न्यायमूर्ति पिनाकी घोष आयोग की रिपोर्ट पर चर्चा के बाद तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने यह एलान किया। 
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रेड्डी ने सोमवार तड़के विधानसभा में हुई चर्चा के बाद कहा कि इस परियोजना की जांच सीबीआई को सौंपना जरूरी है, क्योंकि इसमें अंतरराज्यीय मुद्दे, विभिन्न केंद्रीय और सरकारी विभाग और एजेंसियां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय सरकारी संगठन और वित्तीय संस्थान भी परियोजना के डिजाइन, निर्माण और वित्तपोषण में शामिल हैं।

कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना पर न्यायमूर्ति पिनाकी घोष आयोग की रिपोर्ट को लेकर तेलंगाना विधानसभा में रविवार को गरमा-गरम बहस हुई। विधानसभा में चर्चा के बाद तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने कहा कि अध्यक्ष की अनुमति से सदन कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना में हुई अनियमितताओं की जांच सीबीआई को सौंपने का निर्णय ले रहा है। चूंकि इसमें कई मुद्दे शामिल हैं और जांच के लिए उपयुक्त मामले भी हैं, इसलिए हमारी सरकार सीबीआई जांच के आदेश जारी कर रही है।
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उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (एनडीएसए) और न्यायिक आयोग की रिपोर्टों ने परियोजना से संबंधित विभिन्न मुद्दों की गहन और अधिक व्यापक जांच की आवश्यकता पर बल दिया है। न्यायिक आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कई खामियों और अनियमितताओं की पहचान की है, जिनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रिपोर्ट के अनुसार, योजना, डिजाइन और गुणवत्ता नियंत्रण में खामियां कालेश्वरम परियोजना के मेदिगड्डा बैराज की विफलता का कारण पाई गई हैं। सरकार ने अब तक कालेश्वरम परियोजना के लिए लिए गए ऋण पर मूलधन और ब्याज के रूप में 49,835 करोड़ रुपये का भुगतान किया है, जिसमें कुल ब्याज 29,956 करोड़ रुपये है और मूलधन 19,879 करोड़ रुपये चुकाया गया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने केन्द्र सरकार से बातचीत की और 26,000 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण पुनर्गठन करवाया। परियोजना के लिए ऋण बीआरएस सरकार द्वारा अत्यधिक ब्याज दरों पर प्राप्त किया गया था।

पिछली सरकारों ने लूटा- रेड्डी
विधानसभा में रिपोर्ट पर चर्चा के दौरान सीएम रेड्डी ने आरोप लगाया कि तेलंगाना के सार्वजनिक धन को लूटने के लिए पिछली बीआरएस सरकार ने बैराज का स्थान थुम्मिडी हट्टी से बदलकर मेदिगड्डा कर दिया। जबकि सेवानिवृत्त इंजीनियरों के एक समूह ने इसके खिलाफ रिपोर्ट दी थी, फिर भी परियोजना की परिभाषा में बदलाव किया गया।

आयोग ने केसीआर को ठहराया जिम्मेदार
आयोग की रिपोर्ट में पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव को सीधे तौर पर अनियमितताओं और गैरकानूनी कामों का जिम्मेदार ठहराया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि योजना, निर्माण, संचालन और रखरखाव—इन सभी चरणों में अनियमितताएं हुईं और पिछली सरकार इसमें दोषी है।

बीआरएस ने किया वॉकआउट
इससे पहले बीआरएस ने विधानसभा से वॉकआउट किया और आरोप लगाया कि पार्टी को न्यायिक आयोग की रिपोर्ट पर अपना पक्ष रखने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया। बीआरएस (BRS) के वरिष्ठ नेता और पूर्व सिंचाई मंत्री टी. हरीश राव ने आयोग की जांच को ‘राजनीतिक नाटक’ करार देते हुए कहा कि यह न तो निष्पक्ष है और न ही न्यायपूर्ण।

हरीश राव ने विधानसभा में कहा कि न्यायमूर्ति घोष ने जांच के दौरान नियमों का पालन नहीं किया और बीआरएस नेताओं को अपना पक्ष रखने का अवसर भी नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग ने धारा 8बी के तहत उन्हें नोटिस तक नहीं भेजा। राव ने कहा कि यह रिपोर्ट पंचायत चुनावों से पहले राजनीतिक फायदे के लिए लाई गई है और इसमें कई प्रक्रियागत खामियां हैं।
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