बालासोर ट्रेन हादसे में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रेलवे के तीन अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। तीनों को गैर-इरादतन हत्या और सबूत नष्ट करने की धाराओं में गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार अफसरों में रेलवे के वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (एसएसई) अरुण कुमार मोहंता, अनुभाग अभियंता मो. आमिर खान और तकनीशियन पप्पू कुमार हैं। सीबीआई ने इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 304 और 201 के तहत केस दर्ज किया है।
सीबीआई के अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार अफसरों ने सबूत नष्ट करने के प्रयास किए थे। गैर-इरादतन हत्या की धारा में आरोप सिद्ध होने पर आजीवन कारावास और जुर्माने से लेकर कठोर कारावास तक की सजा सुनाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि छह जून को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा मामला अपने हाथ में लेने के बाद से तीनों से कई बार पूछताछ की जा चुकी है।
जांच एजेंसी अब गिरफ्तार लोगों को उनकी पुलिस हिरासत की मांग के लिए शनिवार को एक विशेष मजिस्ट्रेट के सामने पेश करेगी जिसके बाद उनसे हिरासत में पूछताछ शुरू होगी। सीबीआई को 90 दिनों के भीतर आरोप पत्र भी दाखिल करना होगा अन्यथा गिरफ्तार कर्मी डिफॉल्ट जमानत के पात्र बन जाएंगे।
सीबीआई के अनुसार, महंत कथित तौर पर राष्ट्रीय ट्रांसपोर्टर द्वारा की गई प्रारंभिक जांच का हिस्सा थे, जिसमें माना गया है कि उन्होंने दुर्घटना के संबंध में सिग्नलिंग विभाग में किसी भी विफलता से इनकार किया था। एक उच्च-स्तरीय रेलवे जांच में दुर्घटना का मुख्य कारण गलत सिग्नलिंग पाया गया था और सिग्नलिंग और दूरसंचार (एस एंड टी) विभाग में कई स्तरों पर चूक को चिह्नित किया गया था, लेकिन संकेत दिया गया था कि यदि चेतावनी नहीं दी जाती तो त्रासदी को टाला जा सकता था।
293 की गई थी जान
ओडिशा के बालासोर के बहनगा बाजार स्टेशन के पास 2 जून को कोरोमंडल एक्सप्रेस और बंगलूरू-हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन के बेपटरी होने और मालगाड़ी के टकराने से जुड़े हादसे में 293 की मौत हो गई थी। एक हजार लोग घायल हुए थे।
सिग्नल प्रणाली से हुई थी छेड़छाड़ प्रारंभिक जांच में दुर्घटना के कारण के तौर पर सिग्नल प्रणाली में लापरवाही या इरादतन हस्तक्षेप का संकेत मिला था। हाल ही में रेलवे सुरक्षा आयोग ने रेलवे बोर्ड को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें सूत्रों के हवाले से सिग्नल प्रणाली से छेड़छाड़ और स्टेशन प्रबंधक की लापरवाही के संकेत दिए गए हैं।