आईएनएक्स मीडिया समूह घूस मामले में पीटर मुखर्जी से पूछताछ के लिये अदालत ने सीबीआई को पांच दिन की रिमांड दी गई है। सीबीआई इस मामले में दस्तावेजों, अन्य आरोपियों व गवाहों के बयानों के मद्देनजर पीटर से पूछताछ करना चाहती है।
मामला मीडिया समूह में विदेशी निवेश की अनुमति दिलाने के लिये घूस मांगने व लेने से जुड़ा है। इस मामले में पीटर की पत्नी इंद्राणी मुखर्जी व कांग्रेसी नेता पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम भी आरोपी हैं। कार्ति को सीबीआई के केस में 23 मार्च को हाईकोर्ट ने जमानत प्रदान कर दी थी।
पटियाला हाउस अदालत के विशेष सीबीआई जज सुनील राणा ने पीटर मुखर्जी का रिमांड सीबीआई को देते हुये उसे 31 मार्च को सुबह 11 बजे पेश करने का निर्देश दिया है। सीबीआई ने इस मामले में पीटर को कोर्ट में औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। मुखर्जी को प्रोडक्शन वारंट पर मुंबई की जेल से लाकर पेश किया गया था। वहां पर अपनी बेटी शीना बोरा मर्डर केस में बंद है।
सीबीआई की ओर से जिरह करते हुये अधिवक्ता पद्मनि सिंह ने कहा कि पीटर मुखर्जी से कार्ति चिदंबरम समेत इंद्राणी मुखर्जी के बयानों व केस के दस्तावेजों के संबंध में पूछताछ करनी है। इसलिये पूछताछ के लिये पांच दिन का रिमांड दिया जाये।
सीबीआई ने मीडिया समूह में विदेशी निवेश के लिये विदेशी निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (एफआईपीबी) की अनुमति दिलाने में भ्रष्टाचार की जांच के लिये दर्ज किया था। एजेंसी के मुताबिक मीडिया समूह में विदेश निवेश की अनुमति दिलाने के लिये कार्ति चिदंबरम ने दस लाख डॉलर की घूस मांगी थी। सीबीआई के मुकदमे के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लांड्रिंग का मुकदमा संबंधित कानून में दर्ज किया था।