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Assam: असम में ऑनलाइन ट्रेडिंग घोटाले पर सीबीआई की जांच तेज; पांच आरोपपत्र किए दाखिल

Mon, 16 Dec 2024 06:45 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी

सार

सीबीआई ने 16 लोगों और दो कंपनियों अपपिथेट्स होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड (यूएचपीएल) और ब्रह्मपुत्र संचय एंड बिनियोग कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड (बीएसबीसीएसएल) पर आरोप लगाए हैं। 
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सीबीआई - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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असम में ऑनलाइन घोटाले को लेकर तेजी से जांच की जा रही है। इसी क्रम में, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने असम में ऑनलाइन ट्रेडिंग घोटाले के अलग-अलग मामलों में 18 आरोपियों के खिलाफ पांच और आरोपपत्र दायर किए हैं। गौरतलब है, असम में हाल ही में 22 हजार करोड़ के ऑनलाइन ट्रेडिंग घोटाले का पुलिस ने भंडाफोड़ किया था। यहां लोगों से ऑनलाइन शेयर बाजार में पैसा लगाने और दो महीने में उसे दोगुना करने का वादा करके धोखाधड़ी की जा रही है।

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16 लोगों पर शिकंजा
सीबीआई की गुवाहाटी इकाई ने 16 लोगों और दो कंपनियों अपपिथेट्स होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड (यूएचपीएल) और ब्रह्मपुत्र संचय एंड बिनियोग कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड (बीएसबीसीएसएल) पर आरोप लगाए हैं। जांच एजेंसी ने यूएचपीएल के खिलाफ आरोप लगाया है कि उसके निदेशक हेमेन रवा और मैनेजर शंकर साहा एक अवैध जमा योजना की साजिश में शामिल थे, जिसने झूठे वादा करके  निवेशकों से धन की मांग की थी।

झूठा लालच देकर फंसाया
केंद्रीय जांच ब्यूरो ने कहा, 'उन्होंने निवेशकों को छह प्रतिशत या उससे अधिक के मासिक रिटर्न का वादा करके लुभाने के लिए नोटरीकृत स्टांप पेपर सहित भ्रामक तरीकों का इस्तेमाल किया। उन्होंने निवेशकों को धोखा दिया और अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए जमा राशि का दुरुपयोग किया।'
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इन लोगों के खिलाफ आरोप
ब्रह्मपुत्र संचय एंड बिनियोग कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के खिलाफ दायर आरोपपत्र में इसके तत्कालीन अध्यक्षों जितेन डेका और हिमांग्शु तालुकदार, शाखा प्रबंधक इंद्राणी दास तथा सचिव संजीब डेका का भी नाम है। समूह ब्रह्मपुत्र संचय और बिनियोग सहकारी समिति की एक अनियमित जमा योजना चलाता था।

गृहलक्ष्मी योजना में कथित तौर पर बोनस और 15 प्रतिशत वार्षिक ब्याज जैसे बड़े रिटर्न का वादा किया गया, जबकि वास्तविकता में ऐसा कुछ भी नहीं था। 

लोगों को ठगने की रची साजिश
सीबीआई का तीसरा आरोपपत्र चार निजी व्यक्तियों मैनाओ ब्रह्मा, दीपांकर भट्ट, ज्योतिष्मान शर्मा और सुमित बर्मन के खिलाफ दायर किया गया है, जिन्होंने कथित तौर पर साजिश रची और आम जनता को धोखा देने के इरादे से अनियमित जमा योजना चला रहे थे।

सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में
उन्होंने कथित तौर पर जमा राशि का निजी इस्तेमाल और भूमि संपत्ति खरीदने, इमारतों के निर्माण और वाहन खरीदने आदि में इस्तेमाल किया। सीबीआई ने ऋषिराज गोगोई और जॉय मोदक के खिलाफ चौथा आरोपपत्र दायर किया, जो कथित तौर पर विभिन्न सौंदर्य प्रसाधन और अन्य उत्पादों को बेचने के लिए बनाई गई अपनी कंपनी गो मिलियन्स एलएलपी की आड़ में स्टॉक ट्रेडिंग व्यवसाय चलाने में शामिल थे। इन लोगों ने यूपीआई और बैंक खाते के माध्यम से लोगों से रुपये लिए और किसी भी विनियमित जमा योजना में राशि जमा नहीं की। सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। 

सीबीआई ने शंकर कुमार बिस्वास, रोफिकुल इस्लाम, दिनेश चौधरी और निरंजन कुमार मालाकार के खिलाफ भी आरोप पत्र दायर किया, जिन्होंने टाइटन कैपिटल मार्केट के नाम पर निवेश के लिए विभिन्न व्यक्तियों से यूपीआई, नकद और चेक के माध्यम से धन एकत्र किया। आरोपियों ने विभिन्न जमाकर्ताओं से प्राप्त राशि को किसी भी विनियमित जमा योजना में निवेश नहीं किया।
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एजेंसी ने कहा, 'उन्होंने निवेश के लिए जमाकर्ताओं से धन एकत्र करके उन्हें धोखा दिया।'

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