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RG Kar Case: वित्तीय गड़बड़ियों के मामले में CBI ने दाखिल की चार्जशीट, पूर्व प्रिंसिपल घोष समेत पांच के नाम

Fri, 29 Nov 2024 11:50 PM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में वित्तीय गड़बड़ियों के मामले में सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल की। इसमें पूर्व प्रिंसिपल डॉ. संदीप घोष समेत पांच अन्य को आरोपी बनाया गया है। हालांकि, विशेष अदालत ने चार्जशीट को स्वीकार नहीं किया, क्योंकि किसी भी राज्य सरकार के कर्मचारी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने के लिए आवश्यक आधिकारिक मंजूरी उपलब्ध नहीं थी।
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आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल डॉ. संदीप घोष - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में वित्तीय गड़बड़ियों के एक मामले में चार्जशीट दाखिल की गई। अधिकारियों ने बताया कि आरजी कर के पूर्व प्राचार्य डॉ. संदीप घोष और चार अन्य को चार्जशीट में नामिक किया है। हालांकि, विशेष अदालत ने चार्जशीट को स्वीकार नहीं किया, क्योंकि किसी भी राज्य सरकार के कर्मचारी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने के लिए आवश्यक आधिकारिक मंजूरी उपलब्ध नहीं थी।

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एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, सीबीआई ने 29 नवंबर को अलीपुर की विशेष सीबीआई कोर्ट में 100 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। चार्जशीट में अस्पताल के तत्कालीन प्रिंसिपल डॉ. संदीप घोष, डॉ. आशीष कुमार पांडे (पूर्व हाउस स्टाफ), बिप्लब सिंघा (मां तारा ट्रेडर्स के मालिक), सुमन हाजरा (हाजरा मेडिकल के मालिक) और अफसर अली खान (मैसर्स इशान कैफे के प्रमुख) शामिल हैं। सीबीआई ने उनके समर्थन में कम से कम 1,000 पेज के दस्तावेज भी संलग्न किए हैं। 

कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देशों पर दर्ज किया गया था मामला
सीबीआई के अनुसार,  कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में वित्तीय गड़बड़ियों के संबंध में कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में यह मामला दर्ज किया गया था। हाईकोर्ट की एकल पीठ के निर्देश के बाद कॉलेज और अस्पताल में कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय गड़बड़ियों के लिए डॉ. घोष की जांच चल रही थी, जिसने मामले की जांच सीबीआई को करने का आदेश दिया था।
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इससे पहले, 26 अगस्त को आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म-हत्या की अपनी जांच के हिस्से के रूप में सीबीआई ने डॉ. घोष पर पॉलीग्राफ परीक्षण का दूसरा दौर पूरा किया।

नौ अगस्त को मिला था प्रशिक्षु डॉक्टर का शव
प्रशिक्षु डॉक्टर का शव 9 अगस्त को अस्पताल के सेमिनार कक्ष में पाया गया था, जिसके बाद देश भर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया था। कुछ ही समय बाद नागरिक स्वयंसेवक संजय रॉय को गिरफ्तार कर लिया गया।

रॉय ने खुद को इस मामले में झूठा फंसाने का दावा किया
इस बीच, मुख्य आरोपी रॉय ने दावा किया कि उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है। आरोप लगाया कि कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त विनीत गोयल ने उनके खिलाफ साजिश रची थी।

रॉय ने पूर्व सीपी पर साजिश रचने का लगाया था आरोप
11 नवंबर को सुनवाई के बाद, सियालदह कोर्ट से ले जाते समय रॉय ने पुलिस वैन से पत्रकारों पर चिल्लाते हुए कहा कि पूर्व सीपी ने साजिश रची और उन्हें फंसाया था। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में अन्य उच्च पदस्थ अधिकारी भी शामिल थे और उनसे उन्हें धमकी मिली थी।

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