पूर्व मीडिया दिग्गज इंद्राणी मुखर्जी की जमानत याचिका पर विशेष सीबीआई अदालत 10 दिसंबर को फैसला करेगी। इंद्राणी अपनी बेटी शीना बोरा की हत्या के आरोप में जेल में बंद है।
इंद्राणी ने स्वास्थ्य कारणों से जमानत देने की मांग वाली याचिका करीब छह महीने पहले विशेष जज जेसी जगदाले के सामने दाखिल की थी। यह इस मामले में जमानत पाने का उसका चौथा प्रयास है।
आईएनएक्स मीडिया की पूर्व मालकिन इंद्राणी का पक्ष पेश करते हुए शनिवार को उनके वकील तनवीर अहमद ने जोर दिया कि वह ‘गंभीर बीमारी’ से पीड़ित है और उसकी हालत बेहद खराब है। तनवीर ने दलील दी कि करीब एक साल पहले उसकी जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद परिस्थितियों में बदलाव हुआ है। उन्होंने कहा कि इस दौरान करीब 36 गवाहों का परीक्षण हो चुका है और इंद्राणी लगातार दौरे पड़ने की स्थिति से जूझती रही है।
दूसरी तरफ, अभियोजन पक्ष ने जमानत याचिका का विरोध किया। अभियोजन ने कहा कि जमानत मिलने पर इंद्राणी गवाहों को प्रभावित कर सकती है। इस पर तनवीर अहमद ने इंद्राणी को फिलहाल कुछ समय के लिए अंतरिम जमानत देने और उस दौरान उसकी निगरानी कराने का आग्रह अदालत से किया। इससे पहले अभियोजन ने कहा था कि आखिरी बार जमानत याचिका खारिज होने के बाद सितंबर, 2018 से इंद्राणी का स्वास्थ्य गंभीर होने की जानकारी देने वाली कोई नई रिपोर्ट जमा नहीं कराई गई है।