नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गैंग के मामले में सीबीआई ने बर्खास्त सिपाही सहित 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी सेना, भारतीय खाद्य निगम और रेलवे में नौकरी दिलाने का वादा देकर ठगी करते थे।
सीबीआई का आरोप है कि मास्टरमाइंड सिपाही बब्लू चौहान, जो उस समय दिल्ली कैंट में तैनात था। उसने सेना, प्रादेशिक सेना, असम राइफल्स, भारतीय खाद्य निगम, पूर्वी रेलवे में भर्ती के लिए अधिकारियों को पैसे देकर उनके साथ मिलीभगत करके ठगी की थी।
2019 में चौहान तीन अन्य लोगों के संपर्क में आया था
अधिकारियों ने बताया कि चौहान 2019 में गोरखपुर में वीरेंद्र कुमार, नायक दीपक थापा, राजू यादव जैसे लोगों के संपर्क में आया। इन सभी लोगों के टेरीटोरियल आर्मी में संबंध थे, जो प्रति उम्मीदवार साढ़े 5 लाख रुपये लेकर की नौकरी दिलवाने का दावा करते थे। पूछताछ से पता चला कि आरोपी ने 2020-22 के दौरान अपने और अपनी पत्नी के खाते में 1.43 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम जमा की थी, जिसमें अधिकतर उधमपुर, जम्मू, कोटा और जयपुर के उम्मीदवारों से लिया था।
FCI में नौकरी दिलाने का झांसा देकर गोरखपुर ले गया
चौहान उम्मीदवारों को टीए में नौकरी दिलाने का आश्वासन देता रहे लेकिन बाद में वहां भर्ती पर रोक लगने का बहाना बनाना शुरू कर दिया। फिर उसने अभ्यर्थियों से कहा कि उन्हें एफसीआई में नियुक्ति दिलवाएगा। आरोप है कि वह कुछ उम्मीदवारों को अपने घर गोरखपुर ले गया जहां उम्मीदवारों को पता चला कि एफसीआई में नौकरी की उम्मीद में राजस्थान के 8-10 युवक पहले से ही वहां रुके हुए थे।
FCI के बाद रेलवे में नौकरी दिलाने का दिया आश्वासन
जब एफसीआई में भी अभ्यर्थियों की नौकरी नहीं लगी तो इसके बाद चौहान ने अभ्यर्थियों के सामने ही गोरखपुर के डिभिया धोबी टोला निवासी राहुल द्रविड़ को फोन किया। फिर झांसा दिया कि द्रविड़ के चाचा पूर्वी रेलवे, कोलकाता में डीआरएम के पद पर तैनात हैं और वह उन्हें विशेष कोटे के तहत नौकरी दिलवा सकते हैं।