सीबीआई ने लखनऊ स्थित आयकर विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर दफ़्तर में तैनात एक इंस्पेक्टर को दस लाख रुपये की घूस लेते हुए धर-दबोचा है। उसके साथ एक और शख्स को भी गिरफ़्तार किया गया है। दोनों आरोपी गुरुवार को लखनऊ की अदालत में पेश किए गए।
सीबीआई के मुताबिक, आरोपी इंस्पेक्टर आयकर विभाग के संयुक्त आयुक्त रेंज-3 लखनऊ के कार्यालय में तैनात है। जांच एजेंसी को शिकायत मिली थी कि इंस्पेक्टर ने कोलकाता की एक कंपनी से सात करोड़ रुपये की एफडीआर रिलीज करने के नाम पर 25 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
आयकर विभाग ने जांच के दौरान इस कंपनी को किसी अन्य कंपनी के साथ तालमेल के चलते सीज कर दिया था। आयकर विभाग के इंस्पेक्टर ने कंपनी संचालकों से कहा कि यदि वे एफडीआर जारी कराना चाहते हैं तो उन्हें 25 लाख देने होंगे।
उसने यह राशि किश्तों में लेने की बात कही। इसी के तहत इंस्पेक्टर को दस लाख रुपये की पहली किश्त देने की बात पक्की हो गई। लेकिन शिकायतकर्ता ने सारा मामला सीबीआई को बता दिया। सीबीआई ने घूस मांगने वाले इंस्पेक्टर को गिरफ़्तार करने की लिए एक टीम तैयार कर दी।
इस टीम ने इंस्पेक्टर और एक अन्य व्यक्ति को दस लाख रुपये की घूस लेने के आरोप में गिरफ़्तार कर लिया। मौके पर जब इंस्पेक्टर के आवास की तलाशी ली गई तो घूस के तौर पर ली गई रकम बरामद हो गई। इसके अलावा जांच एजेंसी ने वहां से कई दूसरे दस्तावेज भी अपने कब्जे में ले लिए हैं।