केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या की साजिश रचने के मामले में दो प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, जांच में राज्य के एक प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक दल के एक पदाधिकारी के शामिल होने के संकेत भी मिले हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सागर सोनकर और साहिब सोनकर के रूप में हुई है। दोनों सगे भाई हैं और मृतक चंद्रनाथ रथ के साथ काम करते थे।
अधिकारियों का आरोप है कि जांच में सामने आया है कि रथ के साथ काम करने के दौरान सागर सोनकर की प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक दल के कार्यालय से लैंडलाइन के जरिए नियमित बातचीत होती थी। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों आरोपियों को शुक्रवार को कोलकाता की एक विशेष अदालत में पेश किया जा सकता है। चंद्रनाथ रथ की छह मई को उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम के पास मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
लैंडलाइन फोन से एक पार्टी के नेता के साथ कर रहे थे बात
अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने सागर सोनकर और राजनीतिक दल के कार्यालय के बीच हुई नियमित फोन कॉल का संज्ञान लिया है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह कार्यालय में किस व्यक्ति के संपर्क में था।
सीडीआर से खुला राज
जांच में यह भी सामने आया है कि सागर वर्ष 2020 तक प्रतिद्वंद्वी दल के एक विधायक के साथ काम करता था। इसके बाद वह भाजपा में शामिल हो गया था। अधिकारियों के अनुसार, सागर के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की जांच के दौरान स्थानीय पार्टी कार्यालय में की गई कई कॉल सामने आने के बाद उस पर संदेह गहरा गया।
हत्या की योजना दिसंबर 2025 में बनाई
सीबीआई का दावा है कि वर्ष 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले कोलकाता के भवानीपुर में शुभेंदु अधिकारी के चुनाव अभियान के प्रमुख चेहरों में शामिल चंद्रनाथ रथ की हत्या की योजना दिसंबर 2025 से बनाई जा रही थी। हालांकि, अलग-अलग कारणों से इसे टाला जाता रहा।
आगे की जांच में एजेंसी को ऐसे साक्ष्य मिले, जिनसे सागर के कथित तौर पर हत्या के लिए सुपारी लेकर आए शूटरों से संबंध सामने आए। अधिकारियों का आरोप है कि उसी ने शूटरों को हत्या की सुपारी दी और इसके लिए पैसे भी उपलब्ध कराए।
रथ, शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक थे। उनकी हत्या छह मई को मध्यमग्राम के पास जेसोर रोड पर की गई थी। यह घटना पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के दो दिन बाद हुई थी, जिसमें भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया था।
अब तक छह शूटर हुए गिरफ्तार
अधिकारियों के अनुसार, सीबीआई अब तक छह शूटरों मोनू सिंह, राज सिंह, गोलू सिंह, मयंक राज मिश्रा, विक्की मौर्य और नवीन कुमार सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है। इसके अलावा, सुपारी लेने वाले तीन बिचौलियों विनय राय, संजय राय और विकास मिश्रा को भी गिरफ्तार किया गया है। मामले में एक आरोपी अब भी फरार है।
सीबीआई ने यह जांच पश्चिम बंगाल सरकार के अनुरोध पर राज्य पुलिस से अपने हाथ में ली थी। मामले की जांच के लिए एजेंसी ने दिल्ली स्थित विशेष अपराध शाखा के डीआईजी की निगरानी में सात सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। इसमें सीबीआई की विभिन्न इकाइयों के अधिकारियों को शामिल किया गया है।