फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इशरत जहां मामला: सीबीआई को मिली पूर्व पुलिस अधिकारियों की अर्जियों पर जवाब दाखिल करने की अनुमति

Tue, 26 Mar 2019 05:48 PM IST
तिवारी अभिषेक भाषा, अहमदाबाद
विज्ञापन
डी जी वंजारा (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
विज्ञापन

सीबीआई की एक विशेष अदालत ने मंगलवार को जांच एजेंसी सीबीआई को पूर्व पुलिस अधिकारियों डी जी वंजारा और एन के अमीन की उन अर्जियों पर जवाब दाखिल करने की अनुमति दी जिसमें उन्होंने 2004 के इशरत जहां कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में अपने खिलाफ कार्यवाही खत्म करने का अनुरोध किया है। दोनों सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों ने अर्जियां मंगलवार को दायर की।

विज्ञापन


विशेष सीबीआई न्यायाधीश जे के पांड्या की अदालत ने सीबीआई अधिवक्ता आर सी कोडेकर को जांच एजेंसी में ‘‘उच्च प्राधिकार’’ से राय लेने की अनुमति दी। न्यायाधीश ने अधिवक्ता से कहा कि वह अर्जियों पर तीन अप्रैल को अपना जवाब दायर करें।

वंजारा के अधिवक्ता वी डी गज्जर ने सीबीआई अधिवक्ता की एक जवाब प्राप्त करने के अनुरोध पर आपत्ति जताई और कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसी की भूमिका समाप्त हो गई है जब इस मामले में सक्षम प्राधिकार राज्य सरकार ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 197 के तहत अभियोजन की अनुमति देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि सीबीआई को इसकी बजाय राज्य सरकार के समक्ष अपना पक्ष रखना चाहिए क्योंकि कानून के तहत कार्यवाही खत्म करने की अर्जी पर जवाब का कोई प्रावधान नहीं है।
विज्ञापन


पूर्व पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) और पुलिस अधीक्षक के पद से सेवानिवृत्त होने वाले अमीन ने इस मामले में राज्य सरकार द्वारा उनके खिलाफ अभियोजन की अनुमति देने से इनकार के बाद ये अर्जियां दायर की। दोनों आरोपियों ने अपने खिलाफ कार्यवाही खत्म करने का अनुरोध इस आधार पर किया कि राज्य सरकार ने सीआरपीसी की धारा 197 के तहत उनके खिलाफ अभियोजन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। धारा 197 के तहत एक लोकसेवक के खिलाफ अभियोजन के लिए एक सक्षम प्राधिकार से पूर्व अनुमति जरूरी है। 

Trending Videos
विज्ञापन

राज्य सरकार ने अभियोजन की मंजूरी यह कहते हुए देने से इनकार कर दिया था कि उसे सीबीआई द्वारा पेश मामले के रिकॉर्ड के अवलोकन के बाद उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला। सीबीआई के वकील ने 19 मार्च को पिछली सुनवाई के दौरान अदालत को इससे अवगत करा दिया था।

इस बीच इशरत जहां की मां शमीमा कौसर ने भी सीबीआई अदालत में एक अर्जी दायर करके वंजारा और अमीन के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी से सरकार द्वारा इनकार करने के आदेश की अर्जी मुहैया कराने का अनुरोध किया।

उल्लेखनीय है कि 15 जून 2004 को अहमदाबाद के बाहरी इलाके में पुलिस की एक कथित फर्जी मुठभेड़ में मुंबई के पास मुम्ब्रा की 19 वर्षीय इशरत जहां, जावेद शेख उर्फ प्रणेश पिल्लई, अमजदअली अकबर अली राणा और जीशान जौहर मारे गए थे। शहर की अपराध शाखा ने इशरत और तीन अन्य को यह कहते हुए मार गिराया था कि चारों के आतंकवादियों से संबंध थे और उन्होंने गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या का षड्यंत्र रचा था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें