राज्य सरकार ने अभियोजन की मंजूरी यह कहते हुए देने से इनकार कर दिया था कि उसे सीबीआई द्वारा पेश मामले के रिकॉर्ड के अवलोकन के बाद उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला। सीबीआई के वकील ने 19 मार्च को पिछली सुनवाई के दौरान अदालत को इससे अवगत करा दिया था।
इस बीच इशरत जहां की मां शमीमा कौसर ने भी सीबीआई अदालत में एक अर्जी दायर करके वंजारा और अमीन के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी से सरकार द्वारा इनकार करने के आदेश की अर्जी मुहैया कराने का अनुरोध किया।
उल्लेखनीय है कि 15 जून 2004 को अहमदाबाद के बाहरी इलाके में पुलिस की एक कथित फर्जी मुठभेड़ में मुंबई के पास मुम्ब्रा की 19 वर्षीय इशरत जहां, जावेद शेख उर्फ प्रणेश पिल्लई, अमजदअली अकबर अली राणा और जीशान जौहर मारे गए थे। शहर की अपराध शाखा ने इशरत और तीन अन्य को यह कहते हुए मार गिराया था कि चारों के आतंकवादियों से संबंध थे और उन्होंने गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या का षड्यंत्र रचा था।