केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने तत्कालीन उप महाप्रबंधक, आयुध निर्माणी अंबाझरी, नागपुर के खिलाफ भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया है। आरोप है कि डिप्टी जीएम ने पद पर रहते हुए एक प्रोपराइटरशिप फर्म की स्थापना की और फिर निविदाओं के नियमों, शर्तों एवं दूसरे दस्तावेजों में हेरफेर कर उक्त फर्म को टेंडर दे दिया। सीबीआई ने तत्कालीन डिप्टी जीएम के साथ ही नागपुर में स्थित एक निजी कंपनी और उसके मालिक व अन्य अज्ञात लोक सेवकों/निजी व्यक्तियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है।
केंद्रीय जांच एजेंसी मिली यह शिकायत
सीबीआई द्वारा दर्ज मामले में तत्कालीन उप महाप्रबंधक, आयुध निर्माणी, नागपुर दीपक लांबा, मेसर्स ऑटोमेशन इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रियल सर्विसेज, नागपुर और मोहित ठोलिया मेसर्स ऑटोमेशन इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रियल सर्विसेज, नागपुर शामिल हैं। केंद्रीय जांच एजेंसी को प्राप्त शिकायत के अनुसार, आरोपी ने उप महाप्रबंधक, ओएफएजे, नागपुर के रूप में काम करते हुए एक प्रोपराइटरशिप फर्म की स्थापना की थी।
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निजी फर्म के साथ कई बार वित्तीय/बैंकिंग लेनदेन के आरोप
उन्होंने निविदाओं के नियमों और शर्तों में हेरफेर करके, फर्म द्वारा प्रस्तुत जाली/झूठे अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर उक्त फर्म को निविदाएं दीं। शिकायत में यह भी आरोप लगा है कि आरोपी उप महाप्रबंधक ने अपने और अपने परिवार के सदस्यों के बैंक खाते के माध्यम से निजी फर्म के साथ कई बार वित्तीय/बैंकिंग लेनदेन किए हैं। सीबीआई ने आरोपी के कार्यालय और आवासीय परिसर सहित चार स्थानों पर तलाशी ली, जिसमें डिजिटल साक्ष्य सहित आपत्तिजनक दस्तावेज/सामग्री बरामद हुई है। मामले की जांच अभी जारी है।