फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

CBI: केरल में छिपा था ₹150 लाख के बैंक फ्रॉड का आरोपी, खुफिया इनपुट से 13 साल बाद पकड़ा गया वांछित अपराधी

Sun, 21 Sep 2025 06:28 PM IST
ज्योति भास्कर डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली।
विज्ञापन
सीबीआई (प्रतीकात्मक) - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बैंक धोखाधड़ी के एक मामले में 13 साल पहले उद्घोषित अपराधी को पकड़ने में सफलता हासिल की है। उक्त अपराधी, 150 लाख रुपये के बैंक फ्रॉड मामले में शामिल है। सीबीआई ने घोषित अपराधी सुरेंद्रन जे. को केरल के कुलक्कड़ा पंचायत, मावडी डाकघर, कोल्लम जिले से गिरफ्तार किया है। 

विज्ञापन


विदेशी बिल खरीद ऋण सुविधा प्राप्त करने का आरोप
सीबीआई ने 21.07.2010 को सुरेंद्रन जे., मालिक मेसर्स स्टिच एंड शिप, पुथूर, कोल्लम, केरल और अन्य के खिलाफ बैंक ऑफ इंडिया, लुधियाना से जाली और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 150 लाख रुपये की विदेशी बिल खरीद ऋण सुविधा प्राप्त करने के आरोप में मामला दर्ज किया था। आरोपी सुरेंद्रन जे. उक्त साजिश में मुख्य साजिशकर्ता था। सुरेंद्रन जे. और अन्य के खिलाफ एसजेएम, सीबीआई, एसएएस नगर, मोहाली, पंजाब की अदालत में आरोप पत्र दायर किया गया था।

ये भी पढ़ें- CBI: अनिल अंबानी और राणा कपूर की बढ़ी मुश्किलें, सीबीआई ने दो मामलों में कोर्ट में दाखिल किया आरोपपत्र
विज्ञापन


2012 में अपराधी घोषित किया गया
उक्त अभियुक्त, सुरेंद्रन, मुकदमे में शामिल नहीं हो पाया और उसे 2012 में उद्घोषित अपराधी घोषित कर दिया गया। निरंतर प्रयासों के बावजूद, उसका पता नहीं चल पाया। हाल ही में, तकनीकी खुफिया जानकारी और जमीनी सत्यापन के आधार पर, केरल के कोल्लम जिले में उसकी लोकेशन का पता चला, जिसके बाद सीबीआई टीम ने उसे सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- INTERPOL: इंटरपोल एशियाई समिति का सदस्य चुना गया भारत, सीबीआई की बदौलत यूं मिली यह उपलब्धि

एसजेएम कोर्ट मोहाली में पेश किया गया
अभियुक्त को 19 सितंबर को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, तिरुवनंतपुरम की अदालत में पेश किया गया। वहां से एसएएस नगर, मोहाली, पंजाब स्थित सीबीआई के विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश करने के लिए उसकी ट्रांजिट रिमांड प्राप्त की गई। इसके बाद उसे 20 सितंबर को एसजेएम कोर्ट मोहाली में पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें