केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि आयकर रिटर्न फॉर्म में कोई बदलाव नहीं किया गया बल्कि सिर्फ रिटर्न प्रक्रिया में उपयोग होने वाले सॉफ्टवेयर (यूटिलिटी सॉफ्टवेयर) को अद्यतन किया गया है।
सीबीडीटी ने मीडिया में चल रही उन खबरों का खंडन किया है जिनमें कहा गया है कि आईटीआर फॉर्म में बड़े पैमाने पर बदलाव किए गए हैं और इससे करदाताओं को दिक्कत हो रही है।
बोर्ड ने बयान जारी करके कहा कि इन फॉर्मों के उपयोगिता सॉफ्टवेयर की अद्यतन (अपडेटेशन) प्रक्रिया से रिटर्न दाखिल करने पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। बताया गया कि अब तक 1.38 करोड़ इकाइयां आयकर रिटर्न दाखिल कर चुकी हैं।
सीबीडीटी ने कहा कि आईटीआर-2 और आईटीआर-3 समेत किसी भी आईटीआर फॉर्म में एक अप्रैल को अधिसूचना जारी होने के बाद से कोई बदलाव नहीं किया गया है। एक अप्रैल आकलन वर्ष 2019-20 का पहला दिन है।