कावेरी विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के हाक में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कर्नाटक सरकार को आदेश दिया है कि वह तमिलनाडु में पानी की कमी से जूझ रहे किसानों की परेशानी को समझे और आज से 10 दिन तक हर रोज कावेरी नदी का 15,000 क्यूसेक पानी तमिलनाडु को दे। कोर्ट ने तमिलनाडु से यह भी कहा है कि वह पानी छोड़ने के विषय में ट्राइब्यूनल के आदेश का पालन करे।
बता दें कि कर्नाटक सरकार ने 27 अगस्त को अपने खराब हालात का हवाला देकर तमिलनाडु को पानी देने से मना कर दिया था। लेकिन कर्नाटक से पहले ही तमिलनाडु सरकार ने 22 अगस्त को इस विषय में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
अपनी याचिका में तमिलनाडु ने कोर्ट से कर्नाटक सरकार को यह निर्देश देने की मांग की थी, कि वो साल 2016-17 में कावेरी वाटर डिस्प्यूट ट्राइब्यूनल के फैसले के अनुसार 50.052tmcफीट पानी उसे दे।
सामान्य समय में कर्नाटक 192 tmcफीट पानी तमिलनाडु को देता है, पर इस कर्नाटक का कहना है कि कम बारिश की वजह से जलाशयों में कम पानी जमा हुआ है। कोर्ट के इस फैसले पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने कहा कि उनके यहां राज्य में केवल 51tmcफीट पानी बचा है, ऐसे में तमिलनाडु को रोज 50tmcपानी कैसे दिया जा सकता है।