भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के लिए प्रतिष्ठित रामोन मैगसायसाय अवार्ड पा चुके चर्चित ‘व्हिसलब्लॉअर’ आईएफएस अधिकारी संजीव चतुर्वेदी की एक याचिका पर कैट ने केंद्र व उत्तराखंड सरकार से जवाब मांगा है।
संजीव ने इस साल फरवरी में भ्रष्टाचाररोधी संस्था लोकपाल में अपनी प्रतिनियुक्ति के लिए केंद्र व उत्तराखंड सरकार को निर्देश देने की अपील केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) से की थी। कैट की तरफ से मंगलवार को पूरी हुई सुनवाई का अधिकृत आदेश शनिवार को जारी किया गया।
चतुर्वेदी 2002 बैच के उत्तराखंड कैडर के भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के अधिकारी हैं। उन्होंने कैट में याचिका दाखिल कर केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव को उत्तराखंड सरकार के दिसंबर, 2019 के अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) पर उनकी लोकपाल में नियुक्ति के लिए उचित आदेश जारी करने के निर्देश देने की मांग की थी। चतुर्वेदी फिलहाल उत्तराखंड के हल्दवानी में मुख्य वन संरक्षक (अनुसंधान) के तौर पर तैनात हैं।
कैट की इलाहाबाद पीठ ने इस मामले में आदेश दिया, जिसमें केंद्रीय मंत्रालय और उत्तराखंड सरकार के मुख्य सचिव को छह सप्ताह के अंदर जवाब दाखिल करने के लिए कहा गया है। साथ ही उनके जवाबों पर अपना प्रत्युत्तर दाखिल करने के लिए याचिकाकर्ता संजीव चतुर्वेदी को भी दो सप्ताह का समय दिया गया है।
चतुर्वेदी ने कैट पीठ से अपनी याचिका के निस्तारण तक उन्हें लोकपाल में शामिल होने के लिए राज्य सरकार की तरफ से मिली एनओसी पर भी यथास्थिति कायम रखने का आदेश देने की गुहार लगाई।
इस पर जस्टिस भरत भूषण (न्यायिक सदस्य) और देवेंद्र चौधरी (प्रशासनिक सदस्य) की खंडपीठ ने दोनों वकीलों (केंद्र व राज्य) को चतुर्वेदी की इस मांग पर अलग-अलग लिफाफों में तीन सप्ताह के अंदर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया। फिलहाल अंतरिम राहत के अनुरोध पर सुनवाई को 27 अगस्त के लिए सूचीबद्ध कर दिया गया है।
दिल्ली-हरियाणा में तैनाती के दौरान रहे थे बेहद चर्चित
संजीव चतुर्वेदी दिल्ली एम्स में सीवीओ (चीफ विजिलेंस ऑफिसर) और बाद में हरियाणा में अपनी नियुक्ति के दौरान कई बड़े मामलों की जांच को लेकर बेहद चर्चित रहे थे। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी अनवरत लड़ाई का जिक्र करते हुए नवंबर में लोकपाल में प्रतिनियुक्ति मांगी थी।
उन्होंने उत्तराखंड सरकार के माध्यम से लोकपाल को लिखे पत्र में कहा था, मैं स्वतंत्रता सेनानियों के एक सम्मानित परिवार से आता हूं और मेरा पूरा करियर भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष/प्रतिरोध का रहा है...।