प्रतिष्ठित मैनेजमेंट संस्थान आईआईएम और अन्य मैनेजमेंट संस्थानों में दाखिले के लिए रविवार को देशभर में 138 केंद्रों पर प्रवेश परीक्षा ‘कैट’ आयोजित हुई, जिसमें करीब सवा दो लाख छात्रों ने भाग लिया। हालांकि 2,32,434 छात्रों ने आवेदन किया था। सुबह और दोपहर की पाली में आयोजित परीक्षा में पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष पेपर कठिन रहा।
दोनों पालियों में डाटा इंटरप्रेटेशन एंड लॉजिकल रीजनिंग (डीआईएलआर) का पेपर सबसे अधिक मुश्किल रहा। जनवरी के दूसरे हफ्ते तक रिजल्ट आएगा। कैट की तैयारी कराने वाले एक्सपर्ट व टाइम के चीफ नॉलेज एक्सपर्ट अंकुर जैन के मुताबिक, पिछले साल कैट के पैटर्न में बदलाव हुआ था। 102 नंबर का पेपर था, जिसमें 100 सवाल तीन वर्गों में विभाजित थे।
पहले वर्ग वर्बल एबिलिटी एंड रीडिंग कंप्रिहेंशन (वीएआरसी) के सवाल मुश्किल थे, जिसमें अंग्रेजी भाषा से संबंधित 34 सवाल पूछे गए थे। हालांकि पिछले साल भी वीएआरसी के सवाल ऐसे में ही थे। डाटा इंटरप्रेटेशन एंड लॉजिकल रीजनिंग (डीआईएलआर) में कुल 32 सवाल पूछे गए, जो बेहद मुश्किल थे। इन प्रश्नों में छात्रों को मैथमेटिक्स रीजनिंग से संबंधित प्रश्नों के उत्तर देने थे। आखिरी वर्ग यानी क्वांटिटेटिव एबिलिटी (क्यूए) में भी 34 प्रश्न पूछ गए थे, जो मुश्किल थे।
परीक्षार्थियों को हर वर्ग के सवालों के जवाब देने के लिए 60 मिनट का समय दिया गया था। यानी कुल 180 मिनट की परीक्षा थी और उत्तर देते समय अभ्यर्थी एक खंड से दूसरे पर नहीं जा सकते थे। अंकुर ने बताया कि कैट 2016 की तुलना में कैट 2015 में छात्रों की संख्या कम थी। पिछले वर्ष दो लाख दस हजार तक छात्रों ने आवेदन भरा था।
वहीं, इस वर्ष दो लाख साढ़े 32 हजार छात्रों ने आवेदन किए थे। छात्रों की संख्या करीब 22 हजार तक बढ़ी है, लेकिन सीट उतनी ही हैं। ऐसे में प्रश्न पत्र मुश्किल आने से छात्रों को परेशानी तो हुई होगी। हालांकि तैयारी के साथ जाने वाले छात्र निराश नहीं दिखे।
परीक्षार्थी स्वाति, नेहा का कहना था कि पैटर्न पिछले साल की तरह था, लेकिन पेपर टफ कर दिया है। कैट 2016 परीक्षा आयोजक आईआईएम बंगलूरू ने छात्रों की सुविधा के लिए वीडियो से लेकर मॉक पेपर भी उपलब्ध करवा दिया था। इसके अलावा पहली बार परीक्षा के लिए छात्रों को चार शहर चुनने का विकल्प भी दिया गया था।