बायीं कलाई पर टैटू की वजह दो बार मेडिकली अनफिट करार दिए गए सीआईएसएफ उम्मीदवार जगबीर को मंगलवार को कैट से बड़ी राहत मिली। मंगलवार को मामले की सुनवाई करते हुए एसएन टेरडल और केएन श्रीवास्तव की बेंच ने कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) को दो महीने में उम्मीदवार की दोबारा मेडिकल परीक्षा कराने का आदेश दिया। बेंच ने कहा कि परीक्षा में अगर वह फिट पाया जाता है तो चार सप्ताह के भीतर सीआईएसएफ में उसे नियुक्ति दी जाए।
टैटू की वजह से हरियाणा निवासी जगबीर को अनफिट करार देने वाले रिव्यू मेडिकल बोर्ड को फैसले पर हैरानी जताते हुए बेंच ने कहा कि टैटू की वजह को किसी को अनफिट घोषित नहीं किया जा सकता है। ऐसा किसी भी सरकारी गाइडलाइंस में नहीं लिखा है।
दरअसल, जगबीर ने 2016 में दिल्ली पुलिस, सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स और सीआईएसएफ के असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर पद के लिए परीक्षा दिया था। तीन चरणों में हुई परीक्षा में उसने प्री और लिखित परीक्षा पास कर ली थी। लेकिन बायीं कलाई पर टैटू की वजह से शारीरिक परीक्षा में रिव्यू मेडिकल बोर्ड ने उसे मेडिकली अनफिट करार दे दिया।
सर्जरी के जरिये टैटू हटवाने के बाद उसने 2017 में रिव्यू मेडिकल बोर्ड से दोबारा जांच करने की अपील की। लेकिन इस बार भी कलाई पर टैटू की स्याही होने के कारण उसे मेडिकली अनफिट करार दे दिया गया।