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Karnataka High Court: 'डेजी नाम की बिल्ली ने सबको पागल कर दिया..', हाईकोर्ट ने रद्द किया बेबुनियाद मामला

Tue, 10 Jun 2025 10:54 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू।

सार

Karnataka High Court: कर्नाटक हाईकोर्ट ने 'बिल्ली चोरी' के आरोप में दर्ज आपराधिक मामला खारिज करते हुए कहा कि ऐसे बेबुनियाद मामलों से न्याय प्रणाली प्रभावित होती है। जज ने मजाकिया लहजे में कहा कि डेजी बिल्ली ने सभी को पागल कर दिया है।
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कर्नाटक उच्च न्यायालय - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार को एक व्यक्ति के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामला खारिज कर दिया। व्यक्ति पर 'डेजी' नाम की एक बिल्ली को चुराने का आरोप लगाया गया था। दोपहर के बाद जब यह मामले जस्टिस एम. नागप्रसन्ना के सामने सुनवाई के लिए आया, जज ने मजाकिया अंदाज में टिप्पणी की- डेजी बिल्ली ने सभी को पागल कर दिया है। इसके बाद उन्होंने ताहा सिद्दिकी के खिलाफ चल रहे मुकदमे को खत्म कर दिया। 

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हुसैन ने दावा किया था कि उनकी पड़ोसी ने पुलिस ने झूठा मामला दर्ज कराया था। जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने उनकी बिल्ली को चुरा लिया है। याचिकाकर्ता ने 2023 में दर्ज मामले को रद्द करने के लिए हाईकोर्ट का रुख किया था और यह मामला 23 जुलाई को 2024 सुनवाई के लिए आया। जस्टिस नागप्रसन्ना ने तब हुसैन को अंतरिम राहत देते हुए सभी कानूनी कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने कहा, ऐसे बेबुनियाद मामलों में आगे की कार्यवाही की अनुमति देने से आपराधिक न्याय प्रणाली प्रभावित होगी। 

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प्राथमिकी दर्ज होने के बाद जुलाई 2024 में पुलिस ने हुसैन के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। आपराधिक धमकी, शांति भंग करने और महिला की गरिमा का अपमान करने के आरोप में उसके खिलाफ जुलाई 2024 में भारतीय दंड संहिता की धारा 504, 506 और 509 के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने दावा किया कि सीसीटी फुटेज खंगाली गई, जिसमें बिल्ली को एक निश्चित समय पर हुसैने के घर के अंदर जाते देखा गया। हुसैन के वकील ने दलील दी कि बिल्लियां स्वाभाविक रूप से खिड़कियों से घरों में आती-जाती हैं और इसे अपराध नहीं माना जा सकता।

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