काले धन पर गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा बजट में तीन लाख रुपये के नकद लेनदेन की सीमा की घोषणा की प्रशंसा की है। एसआईटी ने कहा कि उसकी अन्य सिफारिश जिसमें व्यक्तिगत रूप से 15 लाख रुपये नकद रखने की सीमा की बात कही गई थी, भ्रष्टाचार रोकने में ‘कही बेहतर’ उपाय होता।
काले धन पर गठित एसआईटी के अध्यक्ष जस्टिस (रिटायर्ड) एमबी शाह ने कहा कि छिपे धन का पता लगाने के लिए कुछ ‘कड़े कदम’ उठाने की जरूरत है लेकिन सरकार को अर्थशास्त्रियों व अन्य की सलाह भी लेनी चाहिए।
जस्टिस शाह ने कहा, ‘यह (तीन लाख से अधिक का नकद लेनदेन पर प्रतिबंध) जरूरी था... यह अच्छा निर्णय है। ऐसी व्यवस्था कई देशों में प्रचलित है और हमने अपनी पहले सौंपी रिपोर्ट में भी यह बात कही थी। हमने एक साल पहले यह सिफारिश की थी और लंबे समय बाद इसे स्वीकार कर लिया गया... यह अच्छा है।’