अब 10 हजार नहीं पांच हजार रुपये का भी रेल टिकट बुक किया व निरस्त कराया तो इसका रिफंड कैश में नहीं मिलेगा। रेलवे निरस्त टिकट का रिफंड चेक व इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसफर करके देगा। ब्लैक मनी को व्हाइट करने वालों पर प्रभु की कृपा नहीं बरसने वाली है।
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रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने काले धन को सफेद बनाने के खेल पर अंकुश लगा दिया है। जो लोग 16-24 नवंबर के बीच पांच हजार व इससे अधिक के रेल टिकट बुक कराए हैं और वे टिकट को निरस्त कर कैश पैसा लेने की सोच रहे हैं तो उन्हें कैश में पैसा वापस नहीं मिलेगा, वह पैसा उनके बैंक अकाउंट में ही जाएगा।
पिछले दिनों रेलवे ने उन यात्रियों को झटका दिया था जिन्होंने 9-11 नवंबर की अवधि में टिकट बुक कराए थे। पांच सौ व एक हजार का नोट रेलवे स्टेशनों के टिकट काउंटर पर स्वीकार करने के कारण अचानक से टिकट के खरीदारों की बाढ़ आ गई थी।
लेकिन उनकी इस मंशा पर रेलवे ने पानी फेर दिया है। रेलवे मंत्रालय ने सर्कुलर जारी कर स्पष्ट कर दिया है कि दस हजार से ज्यादा रकम वाले टिकट का रिफंड कैश में नहीं दिया जाएगा। अब रेलवे ने नया सर्कुलर जारी कर कहा है कि पांच हजार व इससे अधिक के टिकट निरस्त कराने पहुंचने वालों से टीडीआर फार्म भरवाया जाएगा।
इतना ही नहीं इस दौरान लिए गए टिकट ट्रेन खुलने के आधे घंटे पहले तक ही लौटाए जा सकेंगे। अगर वेटिंग टिकट इस दौरान कंफर्म हो गया तो फिर टिकट निरस्त कराने का भी कोई फायदा नहीं होने वाला। अगर टिकट वेटिंग या आरएससी रहा तो राशि रिफंड होगी। रेलवे चेक या इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसफर खाता नंबर देने पर ही करेगा।