नोटबंदी के दौरान डिजिटल भुगतान पर जोर दिए जाने की वजह से बड़े-बड़े शो-रूम व अन्य दुकानों की बिक्री में आए उछाल को कारोबारी अब कम करने में जुट गए हैं। यही वजह है कि कनॉट प्लेस, करोल बाग व खान मार्केट जैसे नामी-गिरामी इलाकों की कई दुकानों में दुकानदार अब सिर्फ नकदी में कारोबार करना चाह रहे हैं। कई दुकानों में तो दुकानदार कार्ड व डिजिटल तरीके से भुगतान लेने तक से मना कर रहे हैं। कई जगहों पर दुकानदार यह कहने से नहीं चूक रहे हैं कि नकद में ही भुगतान कर देते।
चार्टर्ड एकाउंटेंट हिमांशु कुमार ने बताया कि नोटबंदी के दौरान नवंबर व दिसंबर में जिस किसी दुकान में डिजिटल भुगतान की सुविधा थी, उनकी सफेद (व्हाइट) बिक्री में तेज उछाल दर्ज किया गया। अब चालू वित्त वर्ष 2016-17 की अंतिम तिमाही चल रही है, इसलिए ऐसे दुकानदार अपनी सालाना औसतन बिक्री को कम करने में लग गए हैं।
कुमार ने बताया कि दुकानदार अगर ऐसा नहीं करेंगे तो पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले उनकी बिक्री काफी बढ़ी हुई दिखेगी, जिससे उन्हें आयकर भी अधिक देना होगा और वैट भुगतान पर भी असर पड़ेगा। उन्होंने बताया कि अगर अगले वित्त वर्ष में ये दुकानदार कम बिक्री दिखाएंगे तो टैक्स विभाग उन्हें तलब कर सकता है। इसलिए दुकानदार नहीं चाहते हैं कि उनकी सालाना बिक्री (सफेद में) का औसत काफी अधिक दिखे क्योंकि चालू वित्त वर्ष की पहली व दूसरी तिमाही में उनकी बिक्री तीसरी तिमाही के मुकाबले काफी कम दिखेगी।