देश के कई हिस्सों में एक बार फिर नकदी के कमी की समस्या गहरा गई है। मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल और बिहार में यह संकट गंभीर हो गया है। लोगों की शिकायत है कि ज्यादातर एटीएम में कैश नहीं है, जिनमें है भी उनमें पांच सौ और दो हजार के नोट गायब हैं।
पश्चिम बंगाल के कई शहरों में एटीएम खाली हैं। बैंक शाखाओं के कर्मचारियों का पूरा दिन ग्राहकों को समझाने बुझाने में ही बीत जा रहा है। पटना के अधिकांश एटीएम के आगे नो कैश का बोर्ड लगा है। ग्रामीण इलाकों में तो स्थिति काफी विस्फोटक है। कई जगहों पर झगड़े की नौबत आ जा रही है।
छपरा में एक बैंक में मारपीट के बाद मैनेजर ने इस्तीफा दे दिया और शाखा अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी गई। मधुबनी में एक महिला ने बैंक मैनेजर पर मुकदमा कर दिया कि बैंक द्वारा कैश नहीं उपलब्ध कराए जाने के कारण उसके बीमार पति की मौत हो गई। छपरा में ही एक ग्रामीण बैंक में महिलाओं ने बैंक कर्मियों को चप्पलों से पीट दिया। गया में लोगों ने बैंक शाखा के सामने जमकर हंगामा किया।
मध्य प्रदेश में तमाम बैंकों के एटीएम भी कैश की कमी का सामना कर रहे हैं। एटीएम से दो हजार रुपये के नोट निकलने बंद हो गए हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नकदी संकट पर सोमवार को कहा था कि बाजार से दो हजार रुपये के नोट गायब होने के पीछे कोई साजिश है। सरकार इस मामले में कड़ा रुख अपनाएगी।
राजस्थान में हालात सामान्य
राजस्थान की राजधानी जयपुर सहित कोटा, जोधपुर, उदयपुर जैसे बड़े शहरों में इक्का-दुक्का जगहों को छोड़ कहीं भी कैश की किल्लत नहीं पाई गई है। हालांकि दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में जरूर लोगों को कुछ एटीएम से निराश होना पड़ा है।
ताजा हो गईं नोटबंदी की यादें : ममता
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि एटीएम में नकदी संकट ने नोटबंदी के दिनों की यादें ताजा कर दी हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या देश वित्तीय आपातकाल के दौर से गुजर रहा है।
दो लाख रुपये में पूरे दिन बैंक चलाने का दबाव
बिहार के कई इलाकों के बैंक कर्मियों का कहना है कि आरबीआई पैसा जारी नहीं कर रहा है। हमें दो लाख रुपये में पूरे दिन बैंक चलाने का दबाव है। बैंक कर्मी ग्राहकों को कह रहे हैं कि दो हजार से काम चला लीजिए।