सोशल मीडिया की नई गाइडलाइंस को लागू न करने पर ट्विटर के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई है। दायर याचिका में कहा गया है कि ट्विटर एक महत्वपूर्ण सोशल मीडिया कंपनी के तौर पर अपने वैधानिक और कार्यकारी कर्तव्यों का पालन करना चाहिए, लेकिन कंपनी भारत में सोशल मीडिया पर सरकार की ओर से बनाई गई नई गाइडलाइंस का पालन नहीं कर रही है।
दिल्ली उच्च न्यायालय में दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि ट्विटर ने शिकायत निवारण स्थानीय अधिकारी नियुक्त करने संबंधी केंद्र के आईटी कानून के नियम का पालन नहीं किया है। इसमें अनुरोध किया गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर को इस नियम का अविलंब पालन करने का निर्देश दिया जाए। इसमें केंद्र को भी निर्देश देने की मांग की गई कि वह आईटी नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करे।
गौरतलब है कि 25 फरवरी को केंद्र सरकार की ओर से सोशल मीडिया के लिए नई गाइडलाइंस जारी किया गया था। सरकार ने इन नए नियमों को लागू करने के लिए 3 महीने का वक्त दिया था, जिसकी मियाद 26 मई को खत्म हो गई, लेकिन बड़ी कंपनियों ने इस नियम को लागू नहीं किया।
ट्विटर ने सरकार से तीन महीने का वक्त मांगा
फेसबुक,व्हाट्सएप और ट्विटर ने सरकार से इसके लिए और समय मांगा। फेसबुक ने एक बयान जारी कर कहा कि वह सरकार के नए नियमों का पालन करना चाहती है, लेकिन इस पर कुछ बातचीत चल रही है। वहीं ट्विटर ने भी अपना पक्ष सरकार के सामने रखने के लिए तीन महीने की डेडलाइन मांगी है।
व्हाट्सएप ने सरकार के फैसले पर एतराज जताया
वहीं व्हाट्सएप ने सरकार के इस फैसले पर एतराज जताया। व्हाट्सएप ने कहा कि सरकार के इस फैसले से लोगों की प्राइवेसी खतरे में पड़ जाएगी। मैसेजिंग एप से चैट को ट्रेस करना लोगों की निजता के अधिकार का उल्लंघन है। इस मामले को लेकर व्हाट्सएप ने कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया। वहीं सरकार ने भी इसपर अपना पक्ष रखा।
सरकार ने 15 दिन में कंपनियों से मांगा जवाब
नए नियम लागू नहीं करने को लेकर 26 मई को केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों को नोटिस जारी कर जवाब देने को कहा। सूचना एवं प्रसारण विभाग ने डिजिटल मीडिया समेत OTT प्लेटफॉर्म्स को 15 दिन के भीतर जवाब देने को कहा है। इसके तहत कंपनियों को यह बताना होगा कि उन्होंने नई गाइडलाइंस को लेकर क्या किया है।