पी. मुरलीधर राव (फाइल)
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव पी. मुरलीधर राव व अन्य आठ के खिलाफ कथित तौर पर एक व्यक्ति से 2.17 करोड़ की धोखाधड़ी करने पर एफआईआर दर्ज की गई है। सभी पर एक प्रॉपर्टी डील की पत्नी से केंद्र सरकार में नामित पद दिलाने का वादा करके पैसे लेने का आरोप है। हालांकि राव ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि उनका मामले से कुछ लेना देना नहीं है।
पुलिस ने बुधवार को बताया कि राव व अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक धमकी और आईपीसी की अन्य धाराओं के तहत मंगलवार को केस दर्ज किया गया। शिकायत में टी प्रणव रेड्डी ने कहा कि उन्हें केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण के फर्जी हस्ताक्षर वाला पत्र दिखाकर उनके पति को फार्मा एक्सिल का चेयरमैन बनाने का वादा कर 2.17 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई। रेड्डी के मुताबिक, नवंबर 2015 में ईश्वर रेड्डी नामक शख्स ने खुद को भाजपा नेताओं का करीबी बताकर उनसे संपर्क किया। उसने बताया कि वह मुरलीधर राव के बेहद करीबी ए कृष्णा किशोर को जानता है, जो केंद्र सरकार के किसी भी विभाग में नामित पद दिला सकता है।
शिकायतकर्ता ने बताया कि इसके बाद ईश्वर रेड्डी व अन्य ने मुरलीधर राव की सक्रिय मिलीभगत से नियुक्ति पत्र की एक फोटोकॉपी भी दिखाई, जिस पर निर्मला सीतारमण के हस्ताक्षर थे और उनसे 2.17 करोड़ रुपये ले लिए। शिकायतकर्ता और उनके पति ने जब ईश्वर रेड्डी से संपर्क किया तो उसने कोई जवाब नहीं दिया और पैसे लौटाने से भी इनकार कर दिया। महिला ने आरोप लगाया कि मुरलीधर राव ने भी उन्हें धमकाया।