आसमान में भारत की आंख कहे जाने वाले कार्टोसेट उपग्रहों की सीरीज की नवीनतम तीसरी पीढ़ी के उपग्रह कार्टोसेट-3 को थोड़ी देर में प्रक्षेपित किया जाएगा। इसे प्रक्षेपित करने के लिए प्रोपेलेंट में ईंधन भरने का कार्य पूरा हो चुका है। इसी के साथ दूसरा चरण भी पूरा हुआ।
उपग्रह के लिए इसरो ने मंगलवार सुबह 7:28 बजे उल्टी गिनती (काउंटडाउन) शुरू कर दिया। इसके ठीक 26 घंटे बाद उपग्रह आसमान का सफर शुरू कर देगा। कार्टोसेट अर्थ ऑब्जरवेशन सैटेलाइट ऐसी सैटेलाइट है जिससे पृथ्वी की साफ तस्वीर ली जा सकती है। इसकी तस्वीर इतनी साफ होगी कि किसी व्यक्ति के हाथ में बंधी घड़ी के समय को भी स्पष्ट देखा जा सकेगा। मुख्य रूप से इसका काम अंतरिक्ष से भारत की जमीन पर नजर रखना है।
इसरो अप्रैल और मई में 2 सर्विलांस सैटेलाइट लॉन्च कर चुका है। 22 मई को सर्विलांस सैटेलाइट रीसैट-2 बी और एक अप्रैल को ईएमआईसैट लॉन्च किया गया था। दोनों का मुख्य काम दुश्मनों की रडार पर नजर रखना है। सैटेलाइट के साथ इसरो भारत की रणनीतिक तैयारियों में अभूतपूर्व योगदान देगा।
कार्टोसेट-3 को अंतरिक्ष में ले जाने वाले ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान या पीएसएलवी का सी47 वां संस्करण होगा। यह पीएसएलवी एक्सएल विन्यास का है। इसका आशय है कि इसमें छह ठोस ईंधन वाली स्ट्रैप-ऑन मोटरें लगी हैं।