नोटबंदी के बाद जहां कैशलेस शॉपिंग का चलन तेजी से बढ़ा है तो साइबर क्रिमिनल भी सक्रिय हो गए हैं। साइबर सेल में जहां रोजाना ठगी की शिकायतें पहुंच रही हैं, तो तीन मामले दर्ज ऐसे भी दर्ज हुए हैं, जिनमें यही पता नहीं चल पा रहा है कि शॉपिंग कहां से की गई।
लेकिन खाते से पैसे निकल गए। सबसे बड़ी समस्या बैंकों से स्वैप मशीनों का तुरंत डाटा न मिलने की आ रही है। किसी शिकायत पर जब तक सेल एक्टिव होता है, खाते से कैश का ट्रांजैक्शन हो चुका होता है। पुलिस अफसरों ने बैंकों को चिट्ठी लिखकर स्वैप मशीनों का डाटा अपडेट करने को कहा है। जिससे ऐसी घटनाएं होने पर पता चल सके कि किस जगह से पैसे उड़ाए गए हैं।
इन लोगों से हुई ठगी
शास्त्रीनगर निवासी डॉ. अवधेश कुमार, सर छोटूराम इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र धीरेंद्र द्विवेदी व विपुल कुमार निवासी मंगल पांडे नगर ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है। बताया कि उन्होंने खरीददारी के बाद कई दुकानों पर स्वैप मशीन से पेमेंट किया था। उनको नहीं पता कि उनके डेबिट कार्ड का कहां गलत प्रयोग हुआ या किस दुकान की स्वैप मशीन से उनके खाते से पैसा निकला है।
यह है साइबर सेल की प्रक्रिया
ऑनलाइन ठगी की शिकायत पर साइबर सेल पीड़ित का खाता नंबर लेकर संबंधित बैंक से संपर्क करता है। संबंधित बैंक सेल को प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) नंबर देता हैं कि किस खाते में पैसा ट्रांसफर हुआ। उसके बाद सेल इस कैश ट्रांजैक्शन की प्रक्रिया निरस्त कराने की कार्रवाई शुरू कर देता है। खास बात यह है कि यह प्रक्रिया 24 घंटे के अंदर पूरी करनी होती है। इस साल साइबर सेल कई मामलों में करीब 12 लाख रुपये इसी तरह खातों से वापस मंगा चुका है।
अब यह आ रही दिक्कत
साइबर सेल के प्रभारी कर्मवीर सिंह के अनुसार किसी शिकायत पर जब हम बैंक से संपर्क करते थे तो बैंक बता देता था कि किस मर्चेंट (दुकान/प्वाइंट ऑफ सेल) से शॉपिंग हुई है। अब नयी समस्या यह सामने आ रही है कि उनके खाते से मर्चेंट ही नहीं मिल पा रहा।
केवल पीओएस लिखकर एटीएम कार्ड और 8-9 डिजिट का नंबर लिखा आता है। इससे यह भी पता नहीं चल पाता कि पैसे किसके माध्यम से कहां गए। यानी कार्ड के माध्यम से शॉपिंग कहां हुई, यह जानकारी नहीं मिलती।
इससे कैश ट्रांजैक्शन नहीं रुक पाती। हम बैंक से संपर्क करते हैं तो बैंक भी तुरंत नहीं बता पाता कि संबंधित स्वैप मशीन कहां लगी है। यानी कार्ड कहां स्वैप किया गया है। जिससे ट्रांजैक्शन ब्रेक नहीं हो पा रही है।