फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Railways: IRCTC के नए इंटरफेस में कैप्चा हुआ गायब, ऑनलाइन टिकट बुकिंग करते समय यात्रियों को नजर आएंगे ये बदलाव

Thu, 19 Feb 2026 10:09 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

वर्ष 2025 में 3.03 करोड़ संदिग्ध यूजर आईडी ब्लॉक की गईं। जबकि 4.86 करोड़ यूजर आईडी की दोबारा जांच की गई। सुरक्षा के मद्देनजर 12,819 संदिग्ध ईमेल डोमेन भी ब्लॉक किए हैं।
विज्ञापन
आईआरसीटीसी - फोटो : Adobe Stock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारतीय रेलवे लगातार ऑनलाइन टिकट बुकिंग को ज्यादा सुरक्षित और आसान बनाने के लिए कई कदम उठा रहा है। इसी के चलते फर्जी आईडी और एजेंटों की गतिविधियों पर रोक लगी है। आम दिनों के अलावा त्योहारी सीजन में यात्रियों को तत्काल व एडवांस टिकट बुकिंग में आसानी से मिल रहे है।

विज्ञापन


आईआरसीटीसी के मुताबिक, साल 2025 में 3.03 करोड़ संदिग्ध यूजर आईडी ब्लॉक की गईं। जबकि 4.86 करोड़ यूजर आईडी की दोबारा जांच की गई। सुरक्षा के मद्देनजर 12,819 संदिग्ध ईमेल डोमेन भी ब्लॉक किए हैं। वहीं, एक बड़ा बदलाव करते हुए अब आईआरसीटीसी ने लॉगिन के दौरान कैप्चा हटाने का फैसला किया है, जिससे टिकट बुकिंग प्रक्रिया और तेज हो गई है।

जबकि आईआरसीटीसी ने अपनी वेबसाइट और आईआरसीटीसी रेल कनेक्ट ऐप यूजर इंटरफेस पूरी तरह नया और ज्यादा आसान बना दिया है। अब टिकट बुकिंग के लिए मेन्यू और फॉर्म पहले से सरल कर दिए गए हैं, जिससे प्रक्रिया तेज हो गई है। वहीं, लॉगिन के दौरान कैप्चा हटाया गया है। अब ट्रेन लिस्ट प्रस्थान समय के अनुसार सॉर्ट होती है और फिल्टर को दिखाने छिपाने का विकल्प भी जोड़ा गया है।
विज्ञापन


तत्काल और एडवांस रिजर्वेशन पीरियड की बुकिंग में भी बड़ा बदलाव किया गया है। अब केवल आधार से वेरिफाइड यूजर ही तत्काल टिकट बुक कर सकेंगे। वहीं, एडवांस रिजर्वेशन के पहले दिन टिकट बुकिंग भी सिर्फ आधार वेरिफाइड यूजर के लिए ही उपलब्ध होगी। इन बदलावों से फर्जी अकाउंट और एजेंटों द्वारा पहले से टिकट बुक करने की समस्या काफी हद तक कम हो गई है। इसका फायदा यह हुआ है कि अब असली यात्रियों को पहले के मुकाबले ज्यादा टिकट मिलने लगे हैं।

कंपनी ने तकनीकी स्तर पर भी सिस्टम को मजबूत किया है। कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क लगाने से सर्वर पर दबाव कम हुआ है। वहीं, एडवांस्ड एंटी-बॉट तकनीक के जरिए ऑटोमेटेड बुकिंग और हमलों को रोका जा रहा है। साल 2025 में 3.99 लाख संदिग्ध पीएनआर से जुड़ी शिकायतें नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज की गईं। इसके अलावा 376 शिकायत भी दर्ज हुईं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें