जिले की सबसे भयावह श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेन बम विस्फोट कांड के मामले में आरोपी मोहम्मद आलमगीर को एडीजे प्रथम बुधराम यादव की अदालत में फांसी की सजा सुनाई गई। यह सजा उसे आईपीसी की धारा 302 के अंतर्गत सुनाई गई है।
वहीं रेलवे एक्ट की धारा 151 में उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। अर्थ दंड दो मामलों में पांच-पांच लाख का हैं। खचाखच भरी अदालत में जैसे ही न्यायाधीश ने फैसला सुनाया आतंकी फफक कर रोने लगा।
वहीं, न्यायालय के बाहर बड़ी संख्या में जुटे अधिवक्ताओं और वादकारियों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए। न्यायाधीश ने घटना के 11 साल बाद फैसला सुनाया है।