कोविड-19 महामारी के दबाव में भी देश की शीर्ष-11 कंपनियों ने अपनी पूंजी में 14 फीसदी इजाफा किया। इनकी कुल बढ़कर 805 अरब डॉलर (करीब 59 लाख करोड़ रुपये) पहुंच गई है, जो देश की जीडीपी का 33 फीसदी है।
मंगलवार को जारी ‘हुरुन ग्लोबल 500’ सूची के मुताबिक, दुनिया की सबसे अधिक पूंजी वाली 500 कंपनियों में निजी क्षेत्र की 11 भारतीय कंपनियां भी शामिल हैं। सबसे ज्यादा पूंजी वाली कंपनियों के मामले में भारत 10वें स्थान पर है।
इस सूची में मुकेश अंबानी की अगुवाई रिलायंस इंडस्ट्रीज 168.8 अरब डॉलर के साथ भारतीय कंपनियों में शीर्ष पर और दुनिया में 54वें स्थान पर है। दूसरी सबसे बड़ी घरेलू कंपनी टीसीएस 139 अरब डॉलर के साथ 73वें स्थान पर है।
इन्फोसिस-टीसीएस की रफ्तार रिलायंस से तेज
रिपोर्ट के मुताबिक, महामारी के बीच इन्फोसिस और टीसीएस की रफ्तार रिलायंस से तेज रही। आरआईएल की पूंजी 20.5 फीसदी बढ़ी, जबकि इन्फोसिस की पूंजी 56.6 फीसदी बढ़कर 66 अरब डॉलर पहुंच गई। इस दौरान टीसीएस की पूंजी में 30 फीसदी इजाफा हुआ। एचडीएफसी बैंक की पूंजी 11.5 फीसदी बढ़कर 107.5 अरब डॉलर, हिंदुस्तान यूनिलीवर की 3.3 फीसदी बढ़कर 68.2 अरब डॉलर, एचडीएफसी लि. की 2.1 फीसदी बढ़कर 56.4 अरब डॉलर पहुंच गई। हालांकि, आईसीआईसीआई बैंक की पूंजी 0.5 फीसदी घटकर 45.6 अरब डॉलर और आईटीसी की 22 फीसदी कम होकर 32.6 अरब डॉलर रह गई।
एपल सबसे आगे, फेसबुक 5वें स्थान पर
एपल 2.1 ट्रिलियन पूंजी के साथ दुनिया की सबसे ज्यादा पूंजी वाली कंपनी है। 1.6 ट्रिलियन के साथ माइक्रोसॉफ्ट दूसरे, 1.6 ट्रिलियन के साथ अमेजन तीसरे, 1.2 ट्रिलियन के साथ अल्फाबेट चौथे और 816 अरब डॉलर के साथ फेसबुक पांचवें स्थान पर है।