केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में महिला जवानों के लिए अधिकतम लिए 33 फीसदी पद आरक्षित करने की बात कही गई है। सबसे बड़े अर्धसैनिक बल सीआरपीएफ और सीआईएसएफ में महिला सिपाहियों के लिए 33 प्रतिशत पद आरक्षित हैं, जबकि सीमा सुरक्षा बल, एसएसबी और आईटीबीपी में महिलाओं के लिए 14 से 15 प्रतिशत पद आरक्षित किए गए हैं। अगर मौजूदा समय की बात करें तो केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की कुल नफरी 10 लाख से अधिक है। इनमें महिला सिपाही केवल 31355 हैं। खास बात है कि सर्वाधिक महिला सिपाही, बीएसएफ में हैं।
गृह मंत्रालय के मुताबिक, जनवरी 2016 में यह निर्णय लिया गया था कि सीआरपीएफ और सीआईएसएफ में महिला सिपाहियों के लिए 33 प्रतिशत पद आरक्षित किए जाएंगे। सीमा सुरक्षा बल, एसएसबी और आईटीबीपी में महिलाओं के लिए 14 से 15 प्रतिशत पद आरक्षित होंगे। इस साल 31 मार्च की स्थिति के अनुसार, सभी केंद्रीय बलों में महिला सिपाहियों की संख्या 32 हजार का आंकड़ा नहीं छू रही।
देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल सीआरपीएफ की कुल नफरी 325182 स्वीकृत है। कुल पदस्थ संख्या 298921 है। इसमें महिला सिपाहियों की संख्या 6513 है। अगर बल की कुल पदस्थ संख्या की एवज में महिला सिपाहियों का कुल प्रतिशत देखें तो वह 2.17 ही बनता है।
इसी तरह बीएसएफ में जवानों की कुल नफरी 265808 स्वीकृत है। कुल पदस्थ संख्या 256864 है। इसमें महिला सिपाहियों की संख्या 9936 है। अगर बीएसएफ की कुल पदस्थ संख्या की एवज में महिला सिपाहियों का कुल प्रतिशत देखें तो वह 3.86 बनता है।
सीआईएसएफ की कुल नफरी 177325 स्वीकृत है। कुल पदस्थ संख्या 151080 है। इसमें महिला सिपाहियों की संख्या 6287 है। अगर बल की कुल पदस्थ संख्या की एवज में महिला सिपाहियों का कुल प्रतिशत देखें तो वह 4.16 बनता है। आईटीबीपी की कुल नफरी 96222 स्वीकृत है। कुल पदस्थ संख्या 90491 है। इसमें महिला सिपाहियों की संख्या 2838 है। अगर बल की कुल पदस्थ संख्या की एवज में महिला सिपाहियों का कुल प्रतिशत देखें तो वह 3.13 बनता है।
एसएसबी की कुल नफरी 97774 स्वीकृत है। कुल पदस्थ संख्या 92658 है। इसमें महिला सिपाहियों की संख्या 3806 है। अगर बल की कुल पदस्थ संख्या की एवज में महिला सिपाहियों का कुल प्रतिशत देखें तो वह 4.10 बनता है।
असम राइफल की कुल नफरी 66411 स्वीकृत है। कुल पदस्थ संख्या 63817 है। इसमें महिला सिपाहियों की संख्या 1975 है। अगर बल की कुल पदस्थ संख्या की एवज में महिला सिपाहियों का कुल प्रतिशत देखें तो वह 3.09 ही बनता है।