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CAPF: केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में कितने जवानों ने उठाया 100 दिन की छुट्टी का लाभ, संसद में मिला ये जवाब

सार

CAPF: राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सवाल पूछा था कि कितने कार्मिकों ने सौ दिन की छुट्टी का लाभ उठाया है। जिसका उत्तर देते हुए केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने बताया, इस बात का निरंतर प्रयास रहता है कि सीएपीएफ कार्मिकों को अपने परिवारों के साथ प्रतिवर्ष 100 बिताने की सुविधा प्रदान हो सके...
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CAPF - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
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केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में दिसंबर 2019 के दौरान यह घोषणा की गई थी कि सभी जवानों को एक साल में 100 दिन की छुट्टी मिलेगी, ताकि वे अपने परिवार के साथ रह सकें। तीन साल बाद भी यह योजना अपने पूर्ण रूप में लागू नहीं हो सकी है। इसकी बानगी राज्यसभा में देखने को मिली है। राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इस बाबत सवाल पूछा था कि जिन कार्मिकों ने सौ दिन की छुट्टी का लाभ उठाया है, उनकी बल वार संख्या का ब्यौरा क्या है। इस सवाल का उत्तर देते हुए केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने बताया, इस बात का निरंतर प्रयास रहता है कि सीएपीएफ कार्मिकों को अपने परिवारों के साथ प्रतिवर्ष 100 बिताने की सुविधा प्रदान हो सके।

सीएपीएफ को लेकर प्रियंका ने पूछे थे चार सवाल

राज्यसभा सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी ने 14 दिसंबर को सदन की कार्यवाही के दौरान पूछा, क्या सरकार 'सीएसडी' कैंटीन की तर्ज पर सीपीसी यानी केंद्रीय पुलिस कंटीन को जीएसटी में 50 फीसदी की छूट देने पर विचार कर रही है। वजह, मौजूदा समय में सीपीसी कैंटीन, बाजार दरों पर काम कर रही है। दूसरा, क्या मंत्री अर्धसैनिक/सीएपीएफ कार्मिकों को परिवार के साथ बिताने के लिए वर्ष में 100 दिन की छुट्टी की घोषणा की है। यदि हां तो जिन कार्मिकों ने छुट्टी का लाभ उठाया है, उनकी बल वार संख्या का ब्यौरा क्या है। तीसरा सवाल, क्या मंत्रालय सीएपीएफ के लिए अलग नियम और सेवा शर्तों के विनियमन को अधिसूचित करने पर विचार कर रहा है। चौथा, यदि हां तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है। यदि नहीं, तो इसके क्या कारण हैं।

गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने दिया ये जवाब

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने प्रियंका चतुर्वेदी द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए बताया, लाभार्थियों केंद्रीय पुलिस कैंटीन 'सीपीसी', को अब केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडार का नाम दिया गया है। इसके माध्यम से गुणवत्तापूर्ण उत्पाद फर्मों/सप्लायरों के साथ प्रत्यक्ष समझौते के तहत रियायती दरों पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस कैंटीन के साथ उत्पादों के पंजीकरण से पूर्व, सरकारी नियमों/दिशानिर्देशों के अनुसार, सभी मानक पैरामीटर सुनिश्चित किए जाते हैं, ताकि उत्पादों की गुणवत्ता निश्चित हो सके। केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडार के माध्यम से बेचे जाने वाले उत्पादों पर जीएसटी में कोई छूट उपलब्ध नहीं है। दूसरे सवाल 'सौ दिन की छुट्टी' का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, इस बात का निरंतर प्रयास रहता है कि सीएपीएफ कार्मिकों को अपने परिवारों के साथ प्रतिवर्ष 100 बिताने की सुविधा प्रदान हो सके। तीसरे और चौथे सवाल के जवाब में नित्यानंद राय ने कहा, प्रत्येक सीएपीएफ के अलग अलग कानून, अधिनियम और नियम हैं, जो उनकी सेवा शर्तों शासित एवं विनियमित करते हैं।

एसोसिएशन को आरटीआई के तहत नहीं दी गई जानकारी

कॉन्फेडरेशन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने आरटीआई एक्ट के तहत सौ दिन की छुट्टी का लेखा जोखा मांगा था। सरकार से पूछा गया था कि सीएपीएफ में कितने जवानों को एक साल में 100 दिन की छुट्टी मिली है, तो जवाब देने से मना कर दिया गया। कॉन्फेडरेशन के महासचिव रणबीर सिंह का कहना था कि जवान बहुत दबाव में ड्यूटी देते हैं। दिसंबर 2019 को सीआरपीएफ की नई बिल्डिंग का नींव का पत्थर रखने पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था, सीएपीएफ में ऐसी व्यवस्था बनाई जा रही है, जिसके अंतर्गत केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान 100 दिनों की छुट्टी अपने परिजनों के साथ बिता सकेंगे। करीब दो साल बाद रणबीर सिंह ने गृह मंत्रालय से आरटीआई एक्ट के तहत जब यह सूचना मांगी कि एक साल में कितने जवानों को 100 दिन की छुट्टी मिली है, तो मंत्रालय ने वह जानकारी देने से ही मना कर दिया। रणबीर सिंह बताते हैं कि ये घोषणा एक छलावा बनकर रह गई है। जवानों को सौ दिन की छुट्टी मिलेगी, अभी तक ये योजना जमीन पर नहीं उतर सकी है।

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