गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने 4 दिसंबर को राज्यसभा में बताया, 30 अक्तूबर 2024 तक असम राइफल में 3377 पद रिक्त पड़े हैं। सीमा सुरक्षा बल में 12808 रिक्तियां हैं। सीआईएसएफ में 31782 पद खाली हैं। एसएसबी में 8646 पद रिक्त पड़े हैं। सीआरपीएफ में 33730 पद खाली हैं, जबकि आईटीबीपी में 9861 पद खाली हैं। अगर सभी केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की बात करें तो लगभग 100204 पद खाली हैं। राय का कहना था कि रिक्तियों को भरना, एक सतत प्रक्रिया है। गृह मंत्रालय, यूपीएससी, एसएससी और संबंधित बलों के माध्यम से रिक्तियों को शीघ्र भरने के लिए तत्परता से कदम उठाता है। कांंस्टेबल 'जीडी' के पदों पर वार्षिक भर्ती, इसके लिए कर्मचारी चयन आयोग के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए मेडिकल जांच में लगने वाले समय को कम कर दिया गया है। पदों को भरने के लिए कई दूसरे कदम भी उठाए गए हैं।

गत पांच वर्ष के दौरान, असम राइफल में केवल 75 नए पद सृजित हुए हैं। सीमा सुरक्षा बल में 7372 पद सृजित किए गए हैं। सीआईएसएफ में 31259 पद और एसएसबी में 3318 नए पदों का सृजन किया गया है। सीआरपीएफ में 14011 नए पद सृजित हुए हैं। आईटीबीपी में 15196 नए पद सृजित किए गए हैं। बता दें कि केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के कितने जवानों को एक वर्ष में सौ दिन की छुट्टी मिली हैं, इस बाबत 4 दिसंबर को राज्यसभा में एक सवाल पूछा गया था। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने सदन को बताया था, साल 2020 से अक्तूबर 2024 तक सीएपीएफ और असम राइफल्स के 42797 कार्मिकों ने 100 दिन की छुट्टी का लाभ लिया है। जुलाई 2024 में रोहतक के लोकसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के लिए '100 दिन' के अवकाश का मुद्दा उठाया था।
कॉन्फेडरेशन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स मार्टियर्स वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा 2021 में केंद्रीय गृह मंत्रालय से आरटीआई के जरिए यह पूछा गया था कि कितने जवानों को एक साल में 100 दिन की छुट्टी मिली है। यह जवाब नहीं दिया गया। गत वर्ष मार्च में संसद सत्र के दौरान इस विषय पर पूछे गए सवाल के जवाब में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा था, इस बात का प्रयास चल रहा है कि सीएपीएफ कार्मिक अपने परिवारों के साथ यथासंभव प्रतिवर्ष 100 दिन बिता सकें।
अब सदन में यह जानकारी दी गई है कि केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के 42797 कार्मिकों ने एक साल में सौ दिन के अवकाश का लाभ लिया है। नित्यानंद राय ने बताया, साल 2020 से अक्तूबर 2024 तक सीआरपीएफ के कुल 2245 जवानों ने एक वर्ष में सौ दिन की छुट्टी ली है। बीएसएफ में यह आंकड़ा 21733 है। आईटीबीपी में 1472 जवानों ने एक वर्ष में सौ दिन का अवकाश लिया है। एसएसबी में 6142 जवानों ने एक वर्ष में 100 दिन की छुट्टी ली है। वहीं सीआईएसएफ में यह आंकड़ा 8838 और असम राइफल में 2367 है।
करीब पांच वर्ष में कुल 42797 कार्मिकों ने एक वर्ष के दौरान सौ दिन का अवकाश लिया है। केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की मौजूदा नफरी लगभग दस लाख है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 2019 के अंत में यह घोषणा की थी कि जवानों को एक वर्ष में सौ दिन अपने परिवार के साथ रहने का अवसर मिलेगा। गत वर्ष राज्यसभा सदस्य नारायण दास गुप्ता ने पूछा था कि क्या सरकार ने अर्धसैनिक/सीएपीएफ कार्मिकों को परिवार के साथ रहने के लिए एक वर्ष में 100 दिनों के अवकाश की घोषणा की है।
सांसद गुप्ता ने अपने इसी सवाल में यह भी पूछा कि अभी तक अर्धसैनिक बल के ऐसे कितने कार्मिक हैं, जिन्हें इसका लाभ नहीं मिला है, तत्संबंधी अर्धसैनिक बल वार ब्यौरा क्या है और इसके क्या कारण हैं। उस वक्त भी गृह मंत्रालय में राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने ही दोनों सवालों का जवाब चार-पांच लाइनों में दे दिया था।
उन्होंने कहा, सरकार ने फील्ड में तैनात, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों 'सीएपीएफ' कार्मिकों के लिए 75 दिन के अवकाश, जिसमें 60 दिन का अर्जित अवकाश और 15 दिन का आकस्मिक अवकाश शामिल है, का प्रावधान किया है। अन्य सरकारी कर्मचारियों के लिए 30 दिन के अर्जित अवकाश और 8 दिन के आकस्मिक अवकाश का प्रावधान है।गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया था कि इस बात का प्रयास चल रहा है कि सीएपीएफ कार्मिक अपने परिवारों के साथ यथासंभव प्रतिवर्ष 100 दिन बिता सकें।
कॉन्फेडरेसन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस मार्टियरस वेलफेयर एसोसिएशन के मुताबिक, सीएपीएफ के लगभग 10 लाख जवानों को 4 साल बाद भी '100' दिन की छुट्टी नहीं मिल पा रही है। एसोसिएशन ने इस घोषणा को 'जुमला' और जवानों के साथ 'छलावा' करार दिया था। लोकसभा सदस्य घनश्याम सिंह लोधी ने भी पूछा था कि सीएपीएफ जवानों को प्रतिवर्ष कितने दिन का अवकाश मिलता है। गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने बताया था, फील्ड फॉर्मेशन में तैनात कार्मिकों के लिए साठ दिन का अर्जित अवकाश 'ईएल' और पंद्रह दिन का आकस्मिक अवकाश 'सीएल' तथा स्टेटिक फॉर्मेशन में तैनात कार्मिकों के लिए तीस दिन का अर्जित अवकाश 'ईएल' और साठ दिन का आकस्मिक अवकाश 'सीएल' स्वीकार्य है। इसके अलावा लीव रूल्स के अनुसार, अन्य तरह की छुट्टियां भी आवश्यकता के अनुसार प्रदान की जाती हैं।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों का तर्क था, अगर यह नहीं किया जाता है तो सीआईएसएफ जवानों को 100 दिन का अवकाश देना भी संभव नहीं हो सकेगा। रणबीर सिंह ने अपने बयान में कहा था, भारतीय सेनाओं के तीनों अंगों व केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में (सीआईएसएफ को छोड़कर) 60 दिन का वार्षिक अवकाश मिलता है। अगर आकस्मिक छुट्टियों की बात की जाए तो सेना के तीनों अंगों में 30 दिन का आकस्मिक अवकाश दिया जाता है। दूसरी तरफ, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवानों को मात्र 15 दिन का आकस्मिक अवकाश देने का प्रावधान है। आरटीआई के माध्यम से यह भी पूछा गया कि क्या सीआईएसएफ जवानों को 30 दिन की बजाय 60 दिन का वार्षिक अवकाश दिया जाएगा। यह सूचना भी नहीं मिल सकी।