देश के सभी केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, असम राइफल, बीएसएफ, सीआईएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी और एसएसबी में 109868 जवानों की दरकार है। यानी इन बलों में एक लाख से ज्यादा पद रिक्त पड़े हैं। मौजूदा समय में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की कुल संख्या 1067110 स्वीकृत है। भरे गए पद 947839 हैं। भारत-चीन बॉर्डर पर तैनात आईटीबीपी में 15 हजार रिक्तियां हैं। 2024 में आईटीबीपी के लिए 96030 पद स्वीकृत थे, जबकि भरे हुए पदों की संख्या 88883 थी। पिछले साल इस बल में 7147 रिक्तियां थी।
वर्ष 2025
| बल |
स्वीकृत पद |
भरे गए पद |
रिक्तियां |
| एआर (AR) |
65,540 |
61,749 |
3,791 |
| बीएसएफ (BSF) |
2,72,447 |
2,57,980 |
14,467 |
| सीआईएसएफ (CISF) |
1,93,970 |
1,50,720 |
33,847 |
| सीआरपीएफ (CRPF) |
3,30,983 |
2,96,114 |
34,869 |
| आईटीबीपी (ITBP) |
1,03,662 |
88,587 |
15,035 |
| एसएसबी (SSB) |
1,00,548 |
92,689 |
7,859 |
| कुल |
10,67,110 |
9,47,839 |
1,09,868 |
वर्ष 2024
| बल |
स्वीकृत पद |
भरे गए पद |
रिक्तियां |
| एआर (AR) |
65,540 |
63,464 |
2,076 |
| बीएसएफ (BSF) |
2,65,331 |
2,58,626 |
6,705 |
| सीआईएसएफ (CISF) |
1,76,132 |
1,50,523 |
18,078 |
| सीआरपीएफ (CRPF) |
3,25,201 |
3,00,223 |
24,978 |
| आईटीबीपी (ITBP) |
96,030 |
88,883 |
7,147 |
| एसएसबी (SSB) |
97,774 |
91,861 |
5,913 |
| कुल |
10,26,008 |
9,53,580 |
64,897 |
वर्ष 2023
| बल |
स्वीकृत पद |
भरे गए पद |
रिक्तियां |
| एआर (AR) |
65,540 |
61,807 |
3,733 |
| बीएसएफ (BSF) |
2,65,277 |
2,45,290 |
19,987 |
| सीआईएसएफ (CISF) |
1,70,343 |
1,42,136 |
19,583 |
| सीआरपीएफ (CRPF) |
3,24,654 |
2,95,371 |
29,283 |
| आईटीबीपी (ITBP) |
90,728 |
86,586 |
4,142 |
| एसएसबी (SSB) |
97,774 |
90,128 |
7,646 |
| कुल |
10,14,316 |
9,21,318 |
84,374 |
वर्ष 2022
| बल |
स्वीकृत पद |
भरे गए पद |
रिक्तियां |
| एआर (AR) |
65,540 |
59,723 |
5,817 |
| बीएसएफ (BSF) |
2,65,277 |
2,43,784 |
21,493 |
| सीआईएसएफ (CISF) |
1,64,124 |
1,45,201 |
11,765 |
| सीआरपीएफ (CRPF) |
3,24,654 |
3,09,544 |
15,110 |
| आईटीबीपी (ITBP) |
88,430 |
84,233 |
4,147 |
| एसएसबी (SSB) |
97,790 |
87,498 |
10,292 |
| कुल |
10,05,815 |
9,29,983 |
68,674 |
वर्ष 2021
| बल |
स्वीकृत पद |
भरे गए पद |
रिक्तियां |
| एआर (AR) |
65,540 |
57,290 |
8,250 |
| बीएसएफ (BSF) |
2,65,173 |
2,36,158 |
29,015 |
| सीआईएसएफ (CISF) |
1,63,313 |
1,39,192 |
19,328 |
| सीआरपीएफ (CRPF) |
3,24,723 |
2,96,393 |
28,330 |
| आईटीबीपी (ITBP) |
88,439 |
82,831 |
5,608 |
| एसएसबी (SSB) |
97,792 |
79,149 |
18,643 |
| कुल |
10,04,980 |
8,91,013 |
1,09,174 |
केंद्रीय गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने संसद में बताया कि सीएपीएफ और एआर में रिक्तियां, सेवानिवृत्ति, त्यागपत्र, पदोन्नति, मृत्यु, नई बटालियन की स्थापना, नए पदों के सृजन आदि के कारण उत्पन्न होती हैं। रिक्तियों को भरा जाना एक सतत प्रक्रिया है। मंत्रालय, यूपीएससी, एसएससी और संबंधित बलों के माध्यम से रिक्तियों को शीघ्र भरने के लिए तत्परता से कदम उठाता रहा है और आगे भी उठाता रहेगा। सरकार ने सिपाही 'जीडी' के पद के लिए वार्षिक भर्ती, जिसके लिए एसएससी के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में जीडी पदों पर भर्ती समन्वय के लिए, सिपाही 'जीडी', एसआई 'जीडी' और सहायक कमांडेंट 'जीडी' के रैंक में भर्ती के लिए दीर्घकालिक आधार पर एक नोडल बल नामित किया गया है। सभी केंद्रीय बलों और असम राइफल को नॉन जनरल ड्यूटी संवर्गों में रिक्त पदों पर समयबद्ध तरीके से भर्ती करने के निर्देश जारी किए गए हैं। पदोन्नति आधारित रिक्तियों को भरने के लिए विभागीय पदोन्नति समिति 'डीपीसी' की बैठकों का समय से आयोजन करना। भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए मेडिकल जांच में लगने वाले समय को कम कर दिया गया है। सिपाही/जीडी के लिए पर्याप्त अभ्यर्थी (विशेष रूप से उन श्रेणियों में, जहां कमी देखी गई है) प्राप्त करने के लिए अभ्यर्थियों की शॉर्टलिस्टिंग के लिए कट ऑफ अंक कम कर दिए गए हैं।
बता दें कि केंद्रीय गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति ने 10 मार्च को 'एमएचए' की अनुदान मांगों (2025-26) को लेकर राज्यसभा में पेश की 252वीं रिपोर्ट में अपनी सिफारिशों में कहा है कि केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में स्टाफ की जरुरत और वैकेंसी को त्वरित गति से भरने के लिए 'आवधिक कार्यबल मूल्यांकन' किया जाए। खाली पदों को भरने के लिए 'फास्ट ट्रैक भर्ती तरीका' अपनाया जाए। इसके जरिये सीएपीएफ में स्वीकृत पद और खाली पदों के बीच का अंतर जल्द से जल्द खत्म हो सकेगा। गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष भाजपा के सांसद राधा मोहन दास अग्रवाल हैं।
समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि गृह मंत्रालय, इन बलों में जेंडर प्रतिनिधित्व को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए। इसके लिए केंद्रीय बलों में लक्षित भर्ती प्रक्रिया, बेहतर इन्सेटिव और महिलाओं के लिए वर्किंग कंडीशन को बढ़ाया जाए। यह सुझाव भी दिया गया है कि केंद्रीय बलों में 'आवधिक कार्यबल मूल्यांकन' के अलावा रिटेंशन पॉलिसी में सुधार किया जाए। कल्याण के उपाय और करियर में ग्रोथ के अवसरों में बढ़ोतरी हो। इन सबके जरिए अर्धसैनिक बलों में लंबे समय की सेवा प्रतिबद्धता के लिए कार्मिकों का मनोबल बढ़ सकेगा।