उन्नाव और कठुआ केस के बाद से देश की जनता पहले से ही गुस्से में है। लेकिन अब सूरत में 11 साल की नाबालिग के साथ रेप के बाद हत्या का मामला सामने आते ही लोग और गुस्से में आ गए हैं। महिलाओं और बच्चियों पर लगातार हो रहे अत्याचार के खिलाफ लोग देशभर में कैंडल मार्च निकाल रहे हैं। लोग सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर कड़े कानून की मांग कर रहे हैं। ताकि दोबारा ऐसा जघन्य अपराध न हो। लोग कठुआ मामले की तुलना दिल्ली में हुए निर्भया गैंगरेप से कर रहे हैं।
बता दें कि गुजरात में 11 साल की नाबालिग रेप पीड़िता की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। सूरत पुलिस कमीश्नर सतीश शर्मा ने कहा की पीड़िता के परिवार को ढूंढने की पूरी कोशिश की जा रही है। पहचान के लिए पुलिस ने पूरे सूरत में 1200 पोस्टर चस्पा किए हैं। साथ ही उसके परिवार से मिलवाने वाले को 20 हजार रुपए इनाम की भी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि यह मामला अब क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है।
बता दें कि जम्मू-कश्मीर के कठुआ में नाबालिग बच्ची से गैंगरेप का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ कि गुजरात के सूरत में एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 11 साल की बच्ची का शव बरामद हुआ है। उसके शरीर पर चोट के 86 निशान मिले हैं। बच्ची के प्राइवेट पार्ट में भी चोट के निशान हैं। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया बच्ची का रेप करने के बाद उसकी हत्या की गई है।
फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही तय होगा कि बच्ची का यौन उत्पीड़न किया गया है या नहीं। सूरत सिविल अस्पताल के फोरेंसिक विभाग के प्रमुख गणेश गोवेकर के अनुसार, बच्ची को गला घोंटकर मारा गया है।
पोस्टमॉर्टम के दौरान बच्ची के शरीर पर चोट के 86 निशान मिले। ये देखने में एक से सात दिन पुराने लगते हैं। दरअसल, छह अप्रैल को सूरत के भेस्तान इलाके में एक मैदान में पुलिस को 11 साल की बच्ची का शव मिला था, जिसकी अब तक पहचान नहीं हुई है। पुलिस अधिकारी केबी झाला ने बताया कि किसी बच्चे ने 6 अप्रैल की सुबह शव देखा था। इसके बाद पुलिस को खबर दी गई।