चुनाव में स्वच्छता व पारदर्शिता लाने के मकसद से चुनाव आयोग इस पक्ष में है कि उम्मीदवारों को आमदनी का स्रोत बताना भी अनिवार्य किया जाना चाहिए। चुनाव लड़ने वाले उम्मीदारों को नामांकन करते वक्त न केवल अपना बल्कि पति/पत्नी और सभी आश्रितों की आमदनी का स्रोत बताना अनिवार्य किया जाना चाहिए। आयोग ने बुधवार को यह जानकारी सुप्रीम कोर्ट को दी है।
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में आयोग ने कहा है कि वर्तमान व्यवस्था के तहत उम्मीदवारों को आमदनी का स्रोत बताना जरूरी नहीं होता है। इतना ही नहीं उम्मीदवारों केलिए यह भी बताना अनिवार्य नहीं होता है कि पिछले चुनाव केमुकाबले उसकी आमदनी में बढ़ोतरी का स्रोत क्या था। वर्तमान व्यवस्था के तहत मतदाताओं को उम्मीदवार और उनके आश्रितों के पैन के बारे में ही जानकारी रहती है। आयोग का मानना है कि मतदाताओं को ये सभी जानकारी मिलनी चाहिए।
आयोग ने बताया कि कानून मंत्रालय को पत्र लिखकर फार्म-26 में संशोधन करने का आग्रह किया गया है। आयोग ने कहा कि फार्म-26 में उम्मीदवारों के साथ-साथ पति/पत्नी और आश्रितों की संपत्तियों के ब्योरे को शामिल किया जाना चाहिए और उनकी आमदनी का स्रोत भी। आयोग का मानना है कि चुनाव में मनी पावर के इस्तेमाल जग-जाहिर है।