पत्रकारों से चर्चा करते दिग्विजय सिंह
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मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने चुनाव आयोग से राज्य में तीन नवंबर को होने वाले 28 सीटों के उपचुनाव के लिए अब तक डाक मत पत्रों से किए मतदान को निरस्त करने की मांग की है, क्योंकि प्रत्याशियों को ऐसे वोटरों की सूची नहीं सौंपी गई है, जो डाक मतपत्रों से वोट देंगे।
इससे पूर्व मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भोपाल में राज्य के मुख्य निर्वाचन ऑफिसर के कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस के तीन नेताओं ने चुनाव आयोग के अफसरों से मुलाकात कर अपनी मांग रखी। इस मुलाकात के बाद पत्रकारों से चर्चा में सिंह ने कहा कि हमारी मुख्य मांग है कि अब तक डाक मत्रों से जितने वोट डाले गए हैं, उन्हें रद्द किया जाए और ऐसे वोटरों की सूची सभी प्रत्याशियों को मुहैया कराई जाए। वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने बताया कि अफसरों ने उन्हें सूचित किया है कि आयोग इस बारे में जल्द बैठक करेगा। दिग्विजय ने उपचुनाव वाले क्षेत्रों में अफसरों के तबादलों पर भी रोक लगाने की मांग की। सिर्फ उन्हीं अफसरों को हटाया जाए, जिनके खिलाफ मिली शिकायतों की पुष्टि हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पुलिस अफसर सत्तारूढ़ भाजपा के पक्ष में वोटरों को प्रभावित कर रहे हैं।
अफसरों को डरा रहे दिग्विजय-कमलनाथ
इस बीच, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर आरोप लगाया कि भावी पराजय के भय से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ और दिग्विजय सिंह राज्य के अफसरों व कर्मचारियों को डरा रहे हैं। हम देख लेंगे और निपट लेंगे जैसे शब्दों को इस्तेमाल किया जा रहा है। हम चुनाव आयोग से अपील करते हैं कि वह इस मामले में स्वत: संज्ञान ले।