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महिला पत्रकार के गाल छूने पर BJP नेता का विवादित पोस्ट, 'आगे बढ़ने के लिए सोना पड़ता है'

Fri, 20 Apr 2018 05:03 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
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TamilNadu
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महिला पत्रकार के गाल छूने वाले राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित के खिलाफ सोशल मीडिया पर गुस्सा है। इस मामले में राज्यपाल महिला पत्रकार लक्ष्मी सुब्रह्मण्यम से माफी मांग चुके हैं, लेकिन तमिलनाडु के भाजपा नेता एस. वीई. शेखर वेंकटरमण ने अपने फेसबुक पोस्ट से फिर मामले को तूल दे दिया है। भाजपा नेता ने लिखा कि राज्यपाल को उस महिला को छूने के बाद 'अपने हाथ फिनाइल से धोने चाहिए थे...'

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मामला भड़कता देख एस. वीई. शेखर वेंकटरमण ने इस पोस्ट को अपने फेसबुक पेज से डिलीट कर दिया, लेकिन उन्होंने सभी महिला पत्रकारों को अपमान करने वाली अपनी पोस्ट के लिए काफी देर बाद माफी मांगी।




इतना ही नहीं, एस. वीई. शेखर वेंकटरमण की पोस्ट में यहां तक कहा गया था, 'हालिया शिकायतों से जाहिर है, वे (पत्रकार) रिपोर्टर और एंकर तब तक नहीं बन सकती हैं, जब तक वे बड़े लोगों के साथ सो न लें... अनपढ़ बेवकूफ भद्दे लोग... तमिलनाडु मीडिया में मोटे तौर पर यही हैं... यह महिला भी अपवाद नहीं है..." अब डिलीट की जा चुकी पोस्ट में कहा गया था कि महिला पत्रकार का उद्देश्य 'राज्यपाल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बदनाम करना था...'

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तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित पहले ही मांग चुके हैं मांफी

बता दें कि भाजपा नेता  एस. वीई. शेखर वेंकटरमण के अलावा BJP के राष्ट्रीय सचिव एच. राजा पर भी पत्रकारों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का आरोप है। बहरहाल इस पोस्ट में सेक्स-फॉर-डिग्री घोटाले को लेकर सवाल खड़े करने के लिए भी मीडिया को निशाने पर लिया गया था, जिसमें एक कॉलेज प्रोफेसर पर आरोप लगा था कि वह छात्राओं पर बेहतर नंबरों और पैसे के लिए अधिकारियों के साथ संबंध बनाने का दबाव डाल रही थी।

उसी प्रोफेसर ने राज्यपाल से ताल्लुक होने का दावा किया था, जिन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जोर देकर इसका खंडन किया था। जब लक्ष्मी सुब्रह्मण्यम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्यपाल से इस बारे में सवाल पूछा, तो उन्होंने जवाब देने की जगह लक्ष्मी का गाल थपथपा दिया था।
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ये था मामला

याद दिला दें कि 78 वर्षीय गवर्नर ने भी महिला पत्रकार से माफी मांगते वक्त अजीबोगरीब तर्क दिया था। उन्होंने कहा था, 'मुझे (आपका) सवाल अच्छा लगा... इसलिए, तारीफ करने के उद्देश्य से मैंने उस तरह आपका गाल थपथपाया था, और आपको अपनी पोती सरीखा समझा था..."

'दादाजी की तरह गाल थपथपाने' वाले दावे को नाकबूल करते हुए लक्ष्मी ने कहा कि उन्हें माफी मंजूर है, भले ही वह उनके तर्क से सहमत नहीं हैं। इससे पहले, लक्ष्मी सुब्रह्मण्यम ने गुस्से में ट्वीट किया था, 'कई बार अपना चेहरा धोया है... अब भी उस एहसास से छुटकारा नहीं मिला है...'
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