बता दें कि भाजपा नेता एस. वीई. शेखर वेंकटरमण के अलावा BJP के राष्ट्रीय सचिव एच. राजा पर भी पत्रकारों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का आरोप है। बहरहाल इस पोस्ट में सेक्स-फॉर-डिग्री घोटाले को लेकर सवाल खड़े करने के लिए भी मीडिया को निशाने पर लिया गया था, जिसमें एक कॉलेज प्रोफेसर पर आरोप लगा था कि वह छात्राओं पर बेहतर नंबरों और पैसे के लिए अधिकारियों के साथ संबंध बनाने का दबाव डाल रही थी।
उसी प्रोफेसर ने राज्यपाल से ताल्लुक होने का दावा किया था, जिन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जोर देकर इसका खंडन किया था। जब लक्ष्मी सुब्रह्मण्यम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्यपाल से इस बारे में सवाल पूछा, तो उन्होंने जवाब देने की जगह लक्ष्मी का गाल थपथपा दिया था।
याद दिला दें कि 78 वर्षीय गवर्नर ने भी महिला पत्रकार से माफी मांगते वक्त अजीबोगरीब तर्क दिया था। उन्होंने कहा था, 'मुझे (आपका) सवाल अच्छा लगा... इसलिए, तारीफ करने के उद्देश्य से मैंने उस तरह आपका गाल थपथपाया था, और आपको अपनी पोती सरीखा समझा था..."
'दादाजी की तरह गाल थपथपाने' वाले दावे को नाकबूल करते हुए लक्ष्मी ने कहा कि उन्हें माफी मंजूर है, भले ही वह उनके तर्क से सहमत नहीं हैं। इससे पहले, लक्ष्मी सुब्रह्मण्यम ने गुस्से में ट्वीट किया था, 'कई बार अपना चेहरा धोया है... अब भी उस एहसास से छुटकारा नहीं मिला है...'