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करेले के रस से भागेगा कोरोना वायरस, चाय पीने से नहीं फैलेगा कोविड-19? जानें हकीकत

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करेले का जूस - फोटो : ट्विटर
चीन की सरहदों को पार करते हुए कोरोना वायरस भारत समेत दुनिया के कई देशों में पहुंच चुका है। इस अनजान महामारी की न तो कोई दवाई है और न यह कंट्रोल हो पा रही है। दुनिया भर के डॉक्टर्स और वैज्ञानिक इसका इलाज ढ़ूंढने में लगे हुए हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर ऐसा दावा किया जा रहा है कि कुछ चीजों के इस्तेमाल से कोरोना वायरस के असर को कम किया जा सकता है, लेकिन ये तमाम जानकारियां न सिर्फ भ्रम फैला रही है बल्कि लोगों को अस्वस्थ करने का काम भी कर रही है। आइए अगली स्लाइड में जानते हैं ऐसे ही कुछ दांवों की सच्चाई...
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करेला के जूस का कोरोना कनेक्शन - फोटो : my gov

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) करेले को एक अच्छा और स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थ मानता है जिसमें कई बीमारियों से लड़ने की क्षमता है, लेकिन इस बात के कोई सबूत नहीं है कि करेले का जूस पीने से कोरोना वायरस खत्म हो सकता है।

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लहसून का कोरोना कनेक्शन - फोटो : my gov

वैसे तो लहसुन खाने से किसी को नुक़सान नहीं होता। यह बेहद गुणकारी और फायदेमंद माना जाता है, लेकिन यह सोचकर कि इससे कोरोना वायरस नहीं होगा, उसका अधिक सेवन करना हमारे स्वास्थ्य पर जरूर असर डाल सकता है। इस वायरल पोस्ट का भी सच कुछ और ही निकला।

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कोरोना और अफवाह - फोटो : my gov
वायरस की ऊष्मायन अवधि 2-14 दिनों की होती है, अधिकांश लक्षण प्रमुख रूप से चौथे या पांचवें दिन दिखाई देते हैं। ज्यादातर लोग इसी अवधि में संक्रामक होते हैं, जब लक्षण हल्के या मध्यम दिखाई देते हैं।
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जानवरों से फैलता कोरोना - फोटो : my gov
यूनिवर्सिटी ऑफ हांगकांग और WHO का कहना है कि कुत्तों में यह संक्रमण काफी निम्न स्तर का होता है। ऐसे में ये भ्रांति दूर करनी चाहिए कि पालतू जानवर के जरिए भी कोरोना वायरस हो सकता है। शोध में पाया गया था कि बिल्ली और कुत्ते इस वायरस को फैला नहीं सकते हैं।
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कोरोना से जुड़े अफवाह और सच - फोटो : my gov

रिसर्च से पता लगा कि ये वायरस ग्लास और प्लास्टिक पर नौ दिन तक जीवित रह सकते हैं। कम तापमान में कुछ वायरस 28 दिन तक टिके रह सकते हैं। कोरोना वायरस को खासतौर पर इस बात के लिए जाना जाता है कि यह अपने अनुकूल माहौल में मजबूती से जमा रहता है।

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इस बीच सोशल मीडिया पर ऐसे कई दावे किए जा रहे थे, जिनमें ये भी लिखा था कि चाय पीने से कोरोना वायरस ठीक हो जाएगा। दुनियाभर में फैल चुकी इस अफवाह के बाद चीन के अस्पतालों ने कोविड-19 से जूझ रहे अपने मरीजों को दिन में तीन बार चाय देना शुरू कर दिया था। कहा गया कि चाय में पाए जाने वाला तत्व मिथाइलजेन्थाइन वायरस के असर को कम करता है, लेकिन वैज्ञानिकों की माने तो इसके कोई सबूत नहीं मिले।

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